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Movie Review: कमजोर कहानी और विषय से भटकी हुई है ‘विश्वरूपम 2’

फिल्म: विश्वरूपम 2
डायरेक्टर: कमल हासन
स्टार कास्ट: कमल हसन, जयदीप अहलावत, राहुल बोस ,पूजा कुमार, शेखर कपूर ,वहीदा रहमान,एंड्रिया जेरेमिया
अवधि: 2 घंटा 24 मिनट
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: *1/2 स्टार

इन दिनों भारतीय सिनेमा में हिंदू-मुस्लिम और देशभक्ति को लेकर कई फिल्में बन रही हैं। सेक्युलरिज्म के नाम पर कई निर्देशक अपनी फिल्में ला चुके हैं। एक्टर कमल हासन की फिल्म ‘विश्वरूपम 2’ भी ऐसा ही कुछ करने की कोशिश करती है।इस फिल्म का साल 2013 में ‘विश्वरूपम’ के नाम से प्रीक्वल आया था। उस समय कई धार्मिक संगठनों ने इस फिल्म का विरोध भी किया था । इसकी तुलना में ‘विश्वरूपम 2’ काफी अलग है। फिल्म के सभी किरदार ‘विश्वरूपम’ से मिलते-जुलते हैं, जिसमें विशाम अहमद कश्मीरी (कमल हासन) को कई आतंकियों के बीच दिखा गया है । ‘विश्वरूपम 2’ में यह बहुत कम और एक फ्लैशबैक में जाकर देखने को मिलता है।

‘विश्वरूपम’ में जहां विशाम अहमद आतंकी उमर कुरैशी (राहुल बोस) के संगठन में घुस कर सभी आतंकियों को खत्म करने की कोशिश करता है। वहीं ‘विश्वरूपम 2’ में वह दुनियाभर में उमर द्वारा फैलाए गए आतंक को खत्म करने के मिशन पर है। इस मिशन पर रहते हुए विशाम अहमद का कई खतरनाक लोगों से सामना होता है। फिल्म की कहानी अपने रास्ते से बहुत बार भटकी हुई लगी। शुरुआत में कमल हासन का फ्लैशबैक असमंजस में डाल सकता है।

बात करें ‘विश्वरूपम 2’ के किरदारों की तो इसमें कमल हासन ने रॉ आफिसर विशाम अहमद कश्मीरी के किरदार को बेहतरीन तरीके से निभाया है। लेकिन उम्र और फाइट करते हुए थकावट उनके चेहरे पर साफ झलकने लगी है। वहीं फिल्म में निरूपमा यानी पूजा कपूर काफी खूबसूरत नजर आई हैं। उन्होंने इस फिल्म में विशाम अहमद की पत्नी का रोल किया है। अस्मिता के किरदार में एंड्रिया यिर्मयाह ने भी अच्छा काम किया है। इसके अलावा फिल्म में शेखर कपूर, वहीदा रहमान और राहुल बोस जैसे शानदार कलाकार भी अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीतते नजर आए। इन सभी में एक्टर जयदीप अहलावत की एक्टिंग शानदार और हैरान करने वाली है।

‘विश्वरूपम 2’ के फिल्मांकन पर नजर डालें तो फिल्म में हैरतअंगेज एक्शन देखने को मिला । इसके अलावा फिल्म में कुछ सीन को जबरदस्ती डाला गया है। एक सीन लंदन के एक होटल रूम का है तो ठीक उसी के बाद दूसरा सीन दिल्ली के संसद भवन का है। ऐसे कुछ सीन आपको यह सोचने के लिए मजबूर कर सकते हैं ‘ये कब हुआ..?’ ‘विश्वरूपम 2’ की सिनेमेटोग्राफी की बात करें तो फिल्म में लंदन की खूबसूरत वादियों को दिखाने की पूरी कोशिश की गई है लेकिन यहां कमजोर सिनेमैटोग्राफी के चलते कुछ सीन बेजान नजर आते हैं। फिल्म में विशाम अहमद कश्मीरी की मां के किरदार को यानी वहीदा रहमान का सीन फिल्म में जबरदस्ती दिखाया हुआ लगता है। जो कुछ समय बाद परेशान करने लगता है।

फिल्म का संगीत ठीक-ठाक है। बैकग्राउंड स्कोर और टाइटल सॉन्ग काफी अच्छा है। फिल्म में कमल हासन और पूजा कपूर का रोमांस भी दर्शकों को काफी पसंद आ सकता है। फिल्म में 1-2 डायलॉग्स ऐसे हैं जो देशभक्ति की भावना जगाने की कोशिश करते हैं। कुल मिलाकर ‘विश्वरूपम 2’ अपने प्रीक्वल से जुड़ी हुई है। अगर आपने ‘विश्वरूपम’ देखी है तो ‘विश्वरूपम 2’ आपको अच्छी लग सकती है लेकिन अगर पहला भाग नहीं देखा तो ये फिल्म आपको एक समय के बाद परेशान और सीट से उठने को मजबूर कर देती हैै।

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