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लीक से हटकर अलग तरह की कहानियां लिखते हैं: अनीश शेरॉन खान

लखनऊ: राजधानी से मायानगरी मुंबई पहुंचे लेखक अनीश शेरॉन खान ने बॉलीवुड में अपनी एक खास पहचान बनाई है। उन्होंने मायानगरी के चकाचौंध में गुम होती इंसानियत को पर्दे पर उतारा है फिल्म ‘जिंदगी मुंबई’ में। अनीश ने बताया कि बॉलीवुड स्टार बनने का सपना लिए न जाने कितने युवा हर साल अपना घर छोड़कर किस्मत आजमाने मुंबई पहुंच जाते हैं। लेकिन उसके बाद उनकी जिंदगी की कहानी कैसे-कैसे मोड़ लेती है इसके बारे में मुझसे बेहतर कोई नहीं जानता है। इसी लिए यह कहानी लिखी। फिल्म में एक स्ट्रगलिंग आर्टिस्ट की कहानी दिखाई गई है। बचपन से लेखन में उनका रूझान रहा है। अनीश बताते हैं कि कई प्रोडक्शन हाउस के चक्कर लगाया है, रातों की नींदें हवा हो गईं। उसके बाद आज इस मुकाम पर पहुंचा हूं।

शूटिंग समय से करना होता है पूरा

अनीश बताते हैं कि समय से फिल्म की शूटिंग पूरी करना प्रोडक्शन वालों के लिए बहुत बड़ी चुनौती होती है। बिना किसी समझौता किए फिल्म की गुणवत्ता बनाय रखना प्राथमिकता रहती है। इसके लिए निर्माता व निर्देशक का तालमेल बहुत जरुरी है। ज्यादातर निर्माता-निर्देशक सही तालमेल नहीं बैठा पाते, और फिल्म ठीक समय पर तैयार नहीं हो पाती है। यहीं वजह हैं कई फिल्में शुरू तो होती है, लेकिन पर्दे पर नहीं उतर पाती हैं।

यूपी में शूटिंग सबसे बेहतर स्थान

अनीश ने बताया कि यूपी में फिल्म शूटिंग के लिए काफी अच्छा है अगली फिल्म जय श्रीराम की कुछ शूटिंग लखनऊ में करेंगे जिसके लिए अपने शहर के कई कलाकारों को मौका देंगे। फिल्म शूटिंग के बारे में निसार बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षो में फिल्म शूटिंग के लिए यूपी सबसे बेहतर प्रदेश बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि यूपी की लोकेशन बिलकुल फ्रेश है। खासकर लखनऊ व उसके आसपास के क्षेत्र में काफी अच्छी लोकेशन है। इसके अलावा अब कहानी भी इस तरह की लिखी जा रही है, जिसमें रियल लोकेशन पर फिल्म शूटिंग करना जरूरी होता है।

फिल्म नीति ने फिल्मकारों का रूझान बढ़ाया

अनीश का कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में फिल्म नीति से फिल्मकारों का ध्यान खींचा है। फिल्मकारों के लिए सुविधा देना प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देना है। विदेश में भी फिल्मकारों को रिबेट मिलती है।

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