Breaking News

स्वास्थ्य

ब्रेस्ट कैंसर को कैसे पहचाने

“”#स्त्री_हॉर्मोनों_और_स्तन_कैंसर_के_बारे में थोड़ा विस्तार से , किन्तु सरल भाषा मे। “वस्तुतः जब हम किसी हॉर्मोन को स्त्री-हॉर्मोन कहते हैं , तो हमारा आशय उस हॉर्मोन से होता है , जो स्त्री को जैविक रूप से स्त्री बनाता है। यानी स्त्री ...

Read More »

हृदय सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारियाँ

लोग #हृदय_में_उलझते हैं , वे हृदय की शब्दावली में भी उलझ रहे हैं। सो कुछ बातों से अवगत कराना आवश्यक हो जाता है। इन शब्दों का प्रयोग बहुधा हृदय-रोग-विशेषज्ञ करते हैं : #मायोकार्डियल इन्फार्क्शन , #एंजायना पेक्टोरिस , #एरिद्मिया और ...

Read More »

जब अक्ल दाढ़ में हो दर्द तो अपनाए ये घरेलु नुस्खा

बुद्धि दाँत की बनावट के कारण जब यह दाँत आता है तो यह बहुत दर्द देता है.कई लोग इसके दर्द से निजात पाने के लिए इसे उखडवाना ही बेहतर इलाज समझते हैं, लेकिन यह इसका उचित इलाज नहीं है. क्या ...

Read More »

स्विमिंग करना सेहत के लिए होता है फायदेमंद, जानिए कैसे..?

सभी लोग अपने शरीर को स्वस्थ और सेहतमंद रखने के लिए रोजाना वर्कआउट करते हैं. पर क्या आपको पता है कि स्विमिंग भी हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है. स्विमिंग हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाने का ...

Read More »

दालचीनी के सेवन से ठीक हो सकती है गठिया की बीमारी

गठिया हड्डियों से जुड़ी एक खतरनाक बीमारी मानी जाती है. अगर किसी व्यक्ति को गठिया की बीमारी हो जाए तो उसका चलना फिरना भी मुश्किल हो जाता है. वैसे तो गठिया की बीमारी बढ़ती उम्र में होती है. पर आजकल ...

Read More »

गले के इन्फेक्शन से छुटकारा दिलाती है तेजपत्ते की चाय

अक्सर मौसम के बदलने पर लोगों को सर्दी जुखाम की समस्या हो जाती है. सर्दी जुखाम की समस्या होने पर गले में इंफेक्शन हो जाता है. जिसके कारण बुखार भी हो जाता है. गले में इंफेक्शन होने पर गले में ...

Read More »

तरबूज के बीज के सेवन से घटाएं अपना वजन

रोज़ाना दिन भर खाने की आदत के कारण आपका वजन बढ़ जाता है . अगर आज हम आपको एक ऐसा नुस्खा बताये जिससे आप दिन भर खा भी सकती है और आपका वजन बढ़ने की बजाय घटने लगेगा. जी हाँ  ...

Read More »

इन लक्षणों से पता लगाएं महिलाओं में फाइब्रॉइड बीमारी का

महिलाओं में एक उम्र के बाद गर्भाशय से जुड़ी बीमारी होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है, इन बीमारियों में से एक है फाइब्रॉइड. जिसे आम भाषा में बच्चेदानी की गांठ भी कहते हैं. आपको बता दें कि महिला रोग विशेषज्ञों के अनुसार गांठ का आकार मूंगफली के दाने से लेकर खरबूजे जितना भी हो सकता है. यदि समय रहते इसका सही उपचार किया जाये तो इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता हैं. इस बीमारी से डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि 99 फीसदी ये बीमारी बिना कैंसर वाली होती है. वैज्ञानिक तौर पर अभी तक इसके प्रमुख लक्षणों का पता नहीं चल पाया हैं पर ये आनुवांशिक भी हो सकता है यानि अगर परिवार में किसी महिला को ये बीमारी है तो ये पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ सकती है. इसके प्रमुख कारणों में बढ़ती उम्र, प्रेग्नेंसी, मोटापा, हार्मोन के स्त्राव में आए उतार-चढ़ाव की वजह से भी होते है. आइये जानते हैं कुछ शारीरिक लक्षण जिनसे महिलाये इस बीमारी पता लगा सकती हैं - 1 यदि आपको नाभि के नीचे पेट में लगातार दर्द रहता हो और कभी-कभी इसकी पीड़ा असहनीय हो जाये तो ये फाइब्रॉइड का संकेत हो सकता है . 2 थकान और चोट के दर्द से अलग पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो तो ये इशारा फाइब्रॉइड की ओर होता है. 3 लगातार लम्बे समय तक कब्ज बना रहना भी फाइब्रॉइड हो सकता हैं . 4 यदि किसी महिला को लंबे वक्त तक पीरियड चलते रहते हो तो भी यह फाइब्रॉइड हो सकता हैं, वैसे हॉर्मोनल बदलाव इसकी एक वजह हो सकते हैं लेकिन इस लक्षण को अनदेखा ना करें

महिलाओं में एक उम्र के बाद गर्भाशय से जुड़ी बीमारी होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है, इन बीमारियों में से एक है फाइब्रॉइड. जिसे आम भाषा में बच्चेदानी की गांठ भी कहते हैं. आपको बता दें कि  महिला रोग ...

Read More »

अधिक मात्रा में बेल का सेवन करने से हो सकता है सेहत को नुकसान

बेल गर्मियों के मौसम में मिलने वाला फल होता है. बेल में भरपूर मात्रा में फास्फोरस, कैल्शियम, फाइबर, प्रोटीन मौजूद होते हैं. जो हमारी सेहत को बहुत सारे लाभ पहुंचाते हैं. बेल का सेवन करने से पूरा दिन शरीर में ठंडक और एनर्जी बनी रहती है. पर क्या आपको पता है कि अधिक मात्रा में बेल का सेवन करने से आपकी सेहत को बहुत सारे नुकसान भी हो सकते हैं. 1- अगर आपको शुगर की समस्या है तो आप के लिए बेल का सेवन नुकसानदायक हो सकता है. बेल का स्वाद बहुत मीठा होता है जिसके कारण शुगर के मरीजों के लिए यह हानिकारक होता है. 2- गर्भावस्था में बेल का जूस पीने से गर्भपात होने का खतरा होता है. इसके अलावा जो महिलाएं स्तनपान करवाती हैं उनके लिए भी बेल का सेवन हानिकारक होता है. बेल का सेवन करने से दूध कम बनता है. 3- जो लोग थायराइड की समस्या से पीड़ित है उन्हें बेल का सेवन नहीं करना चाहिए. बेल का सेवन करने से थायराइड की दवा का असर नहीं होता है. 4- कब्ज की समस्या में बेल का जूस नुकसान पहुंचा सकता है. अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पेट में दर्द सूजन और पेट फूलने की समस्या हो सकती है.

बेल गर्मियों के मौसम में मिलने वाला फल होता है. बेल में भरपूर मात्रा में फास्फोरस, कैल्शियम, फाइबर, प्रोटीन मौजूद होते हैं. जो हमारी सेहत को बहुत सारे लाभ पहुंचाते हैं. बेल का सेवन करने से पूरा दिन शरीर में ...

Read More »

इस उपाय से आपने क्रोध पर नियंत्रण करे

विश्व का हर इंसान चाहता है कि उसके परिवार के सदस्य प्रेम और अहिंसा के साथ जिये पर अगर वास्तविकता की बात की जाये तो ऐसा मनुष्य सिर्फ खुद के लिए सोचता है, आपने आसपास के लोगो के लिए नहीं . मनुष्य ने चाँद पर जाने तक का रास्ता तो खोज लिया हैं पर अपनी इन्द्रियों को वश में करके अपने क्रोध पर नियंत्रण करने का अभी तक कोई उपाय नहीं किया. इस संसार में सुख-शान्ति से तो सभी रहना चाहते है परन्तु उसे पाने के लिए जो त्याग करना पड़ता है वह नहीं कर पाते जबकि वही सबसे आवश्यक है. क्रोध में मानव कई बार ऐसा अनर्थ कर देता है जिससे उसे जीवन-पर्यन्त पछताना पड़ता है. हम अगर अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करे तो बड़ी से बड़ी मुश्किल से लड़ सकते हैं तो यह क्रोध तो फिर भी बहुत मामूली सी भावना हैं. भावनाओं का महत्त्व बताते हुए भगवान महावीर ने कहा, ‘खून से खून को साफ नहीं किया जा सकता’ मानव को चाहिये कि वो ‘जियो और जीने दो’ की शिक्षा का अपने जीवन में उपयोग करे , इस शिक्षा का अर्थ मात्र यह है कि ‘हमें दूसरों के जीवन में दखलअंदाजी नहीं करनी चाहिए’ . क्रोध को वश में करने के लिए सबसे बेहतर तरीका हैं कि कुछ समय एकांत में बैठकर अपने आपको जानने का प्रयास करे क्योंकि आपसे बेहतर आपको कोई नहीं जान सकता हैं. जब आप स्वयं को भली भांति जान लेंगे तो आप यह सोचने में समर्थ रहेंगे की किस चीज़ से आपको गुस्सा आता हैं और क्या करके आप इसको कम कर सकते हैं. प्रायः हमें क्रोध किसी की भूल के कारण आता है.अब जरा सोचिए भूल कहते किसको है? जो भूल जान बूझ कर न की गई हो, भला किसी को उसके लिए दण्ड क्या दिया जाये तो हम उस पर क्रोध क्यों करें जो हुआ ही गलती से हो, ऐसे में क्षमा कर देना ही बेहतर होता है इस प्रकार आपका गुस्सा भी कम होगा और इसका कोई दुष्प्रभाव आपके शरीर पर भी नहीं पड़ेगा .

विश्व का हर इंसान चाहता है कि उसके परिवार के सदस्य प्रेम और अहिंसा के साथ जिये पर अगर वास्तविकता की बात की जाये तो ऐसा मनुष्य सिर्फ खुद के लिए सोचता है, आपने आसपास के लोगो के लिए नहीं ...

Read More »