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9 अक्टूबर को सर्वपितृ श्राद्ध अमावस्या, इस दिन भूलकर भी न करें 8 काम

आश्विन माह की कृष्ण अमावस्या को सर्वपितृ श्राद्ध अमावस्या कहते हैं। यह दिन पितृपक्ष का आखिरी दिन होता है। इस दिन किया गया श्राद्ध पितृदोषों से मुक्ति दिलाता है। साथ ही अगर कोई श्राद्ध में तिथि विशेष को किसी कारण से श्राद्ध न कर पाया हो या फिर श्राद्ध की तिथि मालूम न हो तो सर्वपितृ श्राद्ध अमावस्या पर श्राद्ध किया जा सकता है। इस बार यह 9 अक्टूबर, मंगलवार को है। पितृ पक्ष का यह आखिरी दिन होता है ऐसे में इस दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान रखने पर पितृपक्ष का पूरा लाभ मिलता है और तमाम तरह के दोषों से मुक्ति भी मिलती है।

श्राद्ध पक्ष के आखिरी दिन पूरे 16 दिनों तक श्राद्ध कर्म करने वाले व्यक्ति को न तो पान खाना चाहिए और ना ही शरीर पर तेल लगाना चाहिए।

श्राद्ध पक्ष के दौरान और खासतौर पर अंतिम दिन दूसरे शहर की यात्रा नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा न तो गुस्सा करना चाहिए।

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