25 करोड़ लोगों को सरकार के बजट से होगा सीधा फायदा

सरकार ने आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कई वर्गों के लिए सौगातों की झड़ी लगा दी। कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट में सिर्फ किसान, मजदूर, नौकरीपेशा और महिलाओं के लिए करीब सवा लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे 25 करोड़ से ज्यादा लोगों को सीधा फायदा होगा। चुनावी लिहाज से यह संख्या बड़ी है।

किसानों के लिए बड़ा ऐलान : वित्तमंत्री ने करीब 1:40 घंटे के बजट भाषण में ऐलान किया कि सरकार लघु एवं सीमांत किसानों को सीधे उनके खाते में पैसे देने जा रही है। इसे राहुल गांधी की ओर से घोषित गरीबों को ‘न्यूनतम आय योजना’ का जवाब भी माना जा रहा है। वित्तमंत्री ने कम आय वाले श्रमिकों को पेंशन देने की भी घोषणा की। 

नौकरीपेशा को बंपर सौगात : वेतनभागियों के लिए पांच लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त बनाने और पांच करोड़ रुपये का कारोबार करने वाले व्यापारियों को जीएसटी रिटर्न भरने में राहत देने का भी उन्होंने ऐलान किया। इन कारोबारियों को अब हर माह के बजाय तीन माह में जीएसटी रिटर्न भरना होगा। 

भाजपा मान रही है गेम चेंजर: बजट घोषणाओं को भाजपा गेम चेंजर मान रही है, इसका एहसास लोकसभा में हुआ। अहम घोषणाओं पर प्रधानमंत्री मोदी समेत पूरा सत्तापक्ष जमकर मेजें थपथपा रहा था। यह पहला मौका था जबकि प्रधानमंत्री इतने उत्साह में इतनी देर तक मेजें थपथपाते रहे। सदन कई मिनटों तक मोदी-मोदी की गूंज में डूबा रहा। दूसरी तरफ बजट भाषण में टोकाटोकी कर रहा विपक्ष एकदम शांत दिखा। दरअसल, अंतरिम बजट से विपक्ष को इस तरह की घोषणाओं की उम्मीद नहीं थी। संसद में दिखे भाजपा के जोश से साफ है कि वह चुनाव मैदान में इन घोषणाओं को जमकर भुनाएगी। 

तीन राज्यों के नतीजों का असर : हाल में तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता गंवानी पड़ी थी। वहां नौकरीपेशा वर्ग और किसानों का खासी नाराजगी सामने आई थी। इसका असर लोकसभा चुनाव पर न पड़े इसे देखते हुए सरकार ने किसानों और नौकरीपेशा लोगों के साथ व्यापारियों को लुभाने की कोशिश की।

जानिए बजट में किसको क्या मिला 

किसान के लिए : 
– 6,000 रुपए रुपये हर साल मिलेंगे दो हेक्टेयर से कम जमीन वाले किसानों को
– ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ नाम से एक नई योजना की शुरुआत
– दो हेक्टेयर (करीब पांच एकड़) से कम जमीन वाले किसानों को 6,000 रुपये प्रतिवर्ष मिलेंगे 
– योजना दिसंबर 2018 से लागू,12 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा 
-2000 की पहली किस्त मार्च में 
– आपदा पीड़ित किसानों को क्रेडिट कार्ड पर 02 फीसदी की छूट मिलेगी
– समय पर कर्ज भुगतान करने वालों को 03 फीसदी की अतिरिक्त राहत
– पशुपालन-मछली पालन करने वाले किसानों को ब्याज में 02%की छूट

नौकरीपेशा लोगों के लिए : 
– 5,00,000 रुपये तक सालाना कमाई करने वालों को अब कोई कर नहीं देना होगा
– मध्यमवर्गीय नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने आयकर छूट में सीधे 2.5 लाख का इजाफा किया
– अब पांच लाख तक आय पर कर नहीं लगेगा, जबकि निवेश उपायों के साथ 6.50 लाख तक की आय करमुक्त होगी 
– हालांकि पांच लाख से ज्यादा आय पर पुराने टैक्स स्लैब के अनुसार कर का भुगतान करना पड़ेगा
–  सरकार ने मानद कटौती 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की है
– इस फैसले का लाभ करीब तीन करोड़ नौकरी पेशा लोगों को मिलेगा

मजदूरों के लिए : 

3000 रुपये प्रति माह पेंशन मिलेगी असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 60 साल बाद
500 करोड़ से असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’ की शुरुआत
 3000 रुपये प्रति माह पेंशन मिलेगी 60 साल की उम्र के बाद, सिर्फ 100 रुपये प्रति माह देने होंगे 
15,000 रुपये प्रतिमाह कमाने वाले कामगारों को इसका लाभ मिलेगा
10 करोड़ से ज्यादा श्रमिक इस योजना के दायरे में आएंगे 
30 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पर अब कोई कर नहीं लगेगा
06 लाख रुपए मिलेंगे श्रमिक की मौत होने पर उसके परिजनों को

महिलाओं के लिए : 
40,000 रुपए तक ब्याज पर पोस्टऑफिस या बैंक टीडीएस नहीं ले सकेंगे
उज्ज्वला योजना के तहत दो करोड़ निशुल्क रसोई गैस कनेक्शन महिलाओं को दिए जाएंगे
174 करोड़ ज्यादा खर्च किए जाएंगे महिला सुरक्षा व सशक्तीकरण पर
सरकारी उपक्रम महिलाओं द्वारा संचालित लघु एवं मध्यम उद्यमों से सामग्री की खरीद करेंगे
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की 70 फीसदी लाभार्थी महिलाएं हैं, जिन्हें व्यवसाय के लिए कम दर पर ऋण दिए जा रहे हैं
आंगनबाड़ी और आशा योजना के तहत सभी श्रेणियों के कार्मिकों के मानदेय में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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