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11 माह 64 कत्ल, 11 मामलों में पति ने किया पत्नी का मर्डर

bihar-murders-9_148245065भोपाल. इस साल रिश्तों के कत्ल के ग्राफ में खासा इजाफा हुआ है। कत्ल के 29 मामलों यानी 45 फीसदी में सगे रिश्तेदार ही हत्यारे बन गए। अब तक ये औसत 25 से 30 फीसदी होता था। बीते 11 महीनों में कुल 64 हत्या हुईं। इनमें 29 में पति, बेटे, भाई या पिता ने वारदात को अंजाम दिया। सबसे ज्यादा 11 मामले ऐसे निकले, जिनमें पति ने पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। 13 लोगों को पैसों के लेन-देन में मार दिया गया, जबकि सात लोग जमीन विवाद का शिकार हुa
– राजधानी की पुलिस ने दो दिन पहले मां की हत्या के आरोप में इकलौते बेटे और साले की हत्या के आरोप में सगे बहनोई को गिरफ्तार किया है।
– इन वारदातों के सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने इन 64 मामलों पर नजर डाली। इस दौरान पता चला कि किसी भी वारदात के पीछे इतना गंभीर कारण नहीं था, जो हत्या की ठोस वजह बन जाए।
– समाजशास्त्री और मनोवैज्ञानिक इसके पीछे समाज के बदलते परिवेश को बड़ी वजह मानते हैं।
– वे कहते हैं कि पिता-पुत्र, पति-पत्नी, भाई-बहन, मां-बेटी जैसे गंभीर रिश्तों के बीच बढ़ती दूरियां भी अपराध की ओर धकेलती हैं।
– पारिवारिक कारणों से की गई हत्याआें को रोकना मुमकिन नहीं रिटायर्ड सीएसपी सलीम खान का मानना है कि पुलिस हत्या की उन्हीं वारदातों को रोक सकती है, जो पुरानी रंजिश को लेकर या गैंगवार के दौरान की गई हों।
– पारिवारिक और तात्कालिक कारणों से की गई हत्या को रोक पाना पुलिस के लिए मुमकिन नहीं।
 
वारदात… पिता और भाई भी आरोपी
 
– हैरानी की बात ये है कि 64 में से 29 हत्याएं सगे रिश्तेदारों द्वारा अंजाम दी गईं। इनमें सबसे ज्यादा वह रिश्ता दागदार रहा, जिसे सबसे भरोसेमंद माना जाता है।
– 11 मामलों में राजधानी पुलिस ने पति को आरोपी माना। सभी में तात्कालिक या एक-दूसरे पर शक ही वजह बना। पांच मामलों में भाई ने वारदात को अंजाम दिया तो पांच पिता भी आरोपी बनाए गए।
– चार कत्ल बेटों ने किए और चार में मां ही हत्यारिन बन गई। पैसे, प्रेम और जमीन के लिए 35 कत्ल इन 64 हत्याओं में केवल 13 मामलों में पैसों का लेन-देन वजह बना है।
– सात लोगों को जमीन की रंजिश में मार डाला गया। प्रेम प्रसंग और अन्य कारणों से हुई वारदातें 15 हुई हैं। हालांकि, पुलिस ने तकरीबन साठ मामलों का खुलासा कर दिया है।
– .चार ऐसे बचे हैं, जिनके आरोपी अब भी आजाद घूम रहे हैं। इनमें बीती 14 नवंबर को खजूरी सड़क स्थित वीर अर्जुन इंडस्ट्रीज के चौकीदार कमलेश नामदेव की हत्या के आरोपी भी शामिल हैं।
– सवा महीने बाद भी पुलिस ये पता नहीं लगा पाई है कि कमलेश की हत्या किसने और क्यों की? इसके अलावा नजीराबाद थाना क्षेत्र में मिली महिला के अज्ञात शव का खुलासा होना भी अभी बाकी है।
– 60 मामलों का अब तक हुआ खुलासा, चार के आरोपी अब भी आजाद घूम रहे हैं (वर्ष 2016 के आंकड़े नवंबर माह तक के ) वर्ष 2016 वर्ष 2015 वर्ष 2014 122 हत्या की कोशिश हत्या 64 68 88 106 69
 
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