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हर 3 साल में फैलती है डेंगू की महामारी, इस बार होगा सबसे बड़ा खतरा

2015 में डेंगू के वायरस ने दिल्ली समेत पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। जिसके बाद एक बार फिर यह आशंका जताई जा रही है कि इस बार भी डेंगू अपना खतरनाक रूप ले सकता है। बता दें, यह अनुमान स्वास्थ्य विभाग की एक एजेंसी एनवीबीडीसीपी द्वारा लगाया गया है। हाल ही में एमसीडी(नार्थ) की कीट विज्ञानी बबिता बिष्ट ने अमर उजाला को बताया कि इस वर्ष डेंगू साल 2015 से भी अधिक मारक रूप में सामने आ सकता है क्योंकि डेंगू का वायरस हर तीन साल बाद तेजी से वापस हमला करता है। यह खबर सुनने के बाद दिल्ली सरकार स्वास्थ्य विभाग, दिल्ली की तीनों एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली जल बोर्ड सहित सभी एजेंसियों ने डेंगू से निबटने के लिए कार्ययोजना पर काम करना शुरू कर दिया है। सभी घरों, कार्यालयों और निर्माणाधीन स्थलों पर दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है।

डेंगू के कारण-
ये बीमारी एडिस मच्छर के काटने से होती है। इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति को डेंगू हो और उसे कोई मच्छर काट लें तो उस मच्छर में भी डेंगू का वायरस चला जाता है। ऐसे में जब यह मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है तो वो इंसान भी डेंगू के वायरस से संक्रमित हो जाता है।

लक्षण-
डेंगू के शुरूआती लक्षण में रोगी को तेज बुखार के साथ सिर दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द महसूस होता है। इसके अलावा शरीर पर लाल चकते बनना, चक्कर आना, भूख न लगना शामिल होता हैं।

डेंगू मच्छरों को रोकने के उपाय
1-डेंगू के मच्छर ज्यादातर साफ पानी से भरे बर्तनों में पनपते हैं। इसलिए घर में रखे पानी के बर्तनों को ढक कर रखें।
2. घर में रखे फूलदान का पानी रोजाना बदलें।
3-घर के आस- पास या छत पर पड़े बेकार टायर, ट्यूब, टूटे हुए मटके, खाली डिब्बों आदि में बरसात का पानी इकठ्ठा न होने दें।
4-अगर घर में कूलर है तो उसका पानी दो या तीन दिन बाद अवश्य बदलें।
5- पक्षियों के खाने- पीने के बर्तनों को हर रोज साफ करें।

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