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सीएम योगी ने नवनियुक्त शिक्षकों को बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- जल्द भरी जाएंगी 97 हजार रिक्तियां

छह हजार से ज्यादा शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिलने में देरी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले अफसर बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने चयनित सभी शिक्षकों को बुधवार तक नियुक्ति पत्र देने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहा कि शीघ्र ही बेसिक शिक्षा परिषद में 97 हजार शिक्षकों की और नियुक्ति की जाएगी।

वे मंगलवार को डॉ. राममनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में नवनियुक्त बेसिक शिक्षकों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। सीएम ने कहा कि एक वक्त था कि समूचे प्रदेश व पूर्वोत्तर के राज्यों में यूपी के ही शिक्षकों का बोलबाला था।

अब हालात यह हैं कि प्रदेश में 68500 शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया, लेकिन 1.05 लाख अभ्यर्थियों ने ही आवेदन किया और सिर्फ 41556 शिक्षक ही सफल हुए। वहीं, पुलिस कांस्टेबल के 42 हजार पदों के लिए 22 लाख आवेदन आए हैं।

‘विभाग ध्यान दे कि किसी के साथ भेदभाव न होने पाए’

उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी युवाओं के साथ खिलवाड़ करेगा, हम उसकी सेवाओं के साथ खिलवाड़ करना शुरू कर देंगे। विभाग इस बात पर ध्यान दे कि किसी के साथ भेदभाव न होने पाए। शिक्षक भी जहां विभाग तैनाती दें, वहां सेवा देने के लिए तैयार रहें।

उन्होंने कहा कि परीक्षा पास करने वाले करीब 6 हजार शिक्षकों को नियुक्ति देने से वंचित किया जा रहा था। विभाग ने तत्काल इस गलती को सुधारा। अब इन शिक्षकों को देखकर वे अभ्यर्थी भी नौकरी की मांग करते हुए धरना देने लगे, जो परीक्षा पास नहीं कर सके थे।

समाज हित में गैर शैक्षणिक कामों में भी योगदान दें शिक्षक

सीएम ने कहा कि मुझे अफसोस होता है, जब यह कहा जाता है कि शिक्षकों से कोई और काम नहीं लिया जाना चाहिए। शिक्षक तो समाज को दिशा देने वाला होता है। इसलिए समाज की भलाई के लिए शुरू की जा रही शासन की योजनाओं में उसे बढ़-चढ़कर सहयोग करना चाहिए।

शिक्षक खुद इन कामों के लिए आगे आएं। सामाजिक, आर्थिक जनगणना हो या मुख्य जनगणना, जहां भी शिक्षकों ने सर्वे किया, उसके अच्छे परिणाम आए हैं। आज तमाम पात्र लोग ठीक सर्वे न होने से शासन की योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

सीएम ने कहा कि उन्होंने सभी चयनित 41500 बेसिक शिक्षकों को 5 सितंबर तक नियुक्ति पत्र देने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने आह्वान किया कि प्रदेश के 8 सबसे अति पिछड़े जिलों में भी सेवाएं देने के लिए शिक्षक आगे आएं।

जहां की बेसिक शिक्षा मंत्री, वहां चिराग तले अंधेरा

योगी ने कहा कि यह बड़े अफसोस की बात है कि बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल के बगल के जिले श्रावस्ती में आज 120 ऐसे स्कूल हैं, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है। यह तो चिराग तले अंधेरे की स्थिति है। बहराइच तो बेसिक शिक्षा मंत्री का जिला है, वहां भी यही स्थिति है। सीएम ने आह्वान किया कि शिक्षक अति दुर्गम क्षेत्रों में जाकर सामाजिक-आर्थिक व शैक्षणिक स्थिति में बदलाव में योगदान दें। ताकि समाज में वे सम्मान का पात्र बन सकें।

असफल अभ्यर्थी भी कोर्ट का आदेश दिखा मांग रहे नौकरी
सीएम ने कहा, जो अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल नहीं हुए, वे भी कोर्ट का आदेश दिखाकर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। मैंने अपर मुख्य सचिव, बेसिक से कहा है कि वे इन आदेशों की जांच कर लें। यह कोर्ट के ही आदेश हैं या कहीं और से आए हैं। अगर असफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति देनी होती तो परीक्षा कराने की जरूरत ही क्या थी। जैसे पहले होता था कि एक परिवार के लोग झोला लेकर जिलों में निकलते थे और नौकरियां बांट देते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।

स्वच्छता और स्वस्थ रहने का पाठ पढ़ाएं

सीएम ने कहा कि वर्तमान में 1.77 करोड़ बच्चे परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे हैं। नवनियुक्त शिक्षक उनके नियमित स्कूल आने पर विशेष ध्यान दें। यूनिफॉर्म, किताबें और जूते-मोजे समय से वितरण करवाएं। वे इन बच्चों के परिवारों से सीधे संवाद स्थापित करें और जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं से अवगत कराएं। चार घंटे पढ़ाने के बाद गप्पें मारने में समय बर्बाद न करें।

राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले बस्ती के शिक्षक का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी तरह बनकर वे सब भी नाम रोशन करें। अपना अनुभव सुनाते हुए कहा कि एक बार उन्होंने अप्रैल में स्कूल में शिक्षिकाओं को स्वेटर बुनते हुए देखा।

शिक्षकों से उन्होंने कहा कि सभा के वक्त वे छात्रों को व्यक्तिगत व सार्वजनिक स्वच्छता का पाठ पढ़ाएं और मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। कहा कि, स्कूली शिक्षा के दौरान शिक्षकों ने मुझे बाल छोटे रखने का पाठ पढ़ाया। इसलिए बचपन से ही मुझे बाल छोटे रखने की आदत पड़ गई थी।

90 फीसदी शिक्षक चाहते हैं तीन जिलों में तैनाती

सीएम ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे अन्याय होने पर उसे उचित मंच तक पहुंचाएं, उनकी बात जरूर सुनी जाएगी। 90 फीसदी शिक्षक नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ में तैनाती चाहते हैं। फिर शेष 72 जिलों का क्या होगा। वहां के बच्चे कहां जाएंगे।
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