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सीएमएस स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा से कथित दुष्कर्म, विरोध करने पर छात्रों को लाठी व डंडे से पिटवाया

राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित सिटी मांटेसरी स्कूल (सीएमएस) की अलीगंज शाखा में एक कक्षा चार की छात्रा से बाथरूम में कथित बलात्कार किये जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। सूत्रों के अनुसार CMS में पढ़ने वाली कक्षा चार की छात्रा से कक्षा आठ में पढ़ने वाले किशोर ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। छात्रा रोते हुए काफी देर बाद बाथरूम से बाहर आई। पीड़ित छात्रा के घरवालों ने गुस्से में आकर आरोपी छात्र की पिटाई कर दी। मारपीट की सूचना मिलने के बाद डॉयल 100 की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को जब थाने लेकर पहुंची तब जाकर घटना का खुलासा हो सका। हालांकि तब तक स्कूल प्रशासन मामले को दबाये बैठा रहा।

हालांकि मामला सीएमएस स्कूल से जुड़ा होने के कारण लखनऊ पुलिस बैकफुट पर आ गई। घटना का संदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार, सीओ अलीगंज दीपक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों पुलिस अधिकारियों ने अलीगंज क्षेत्राधिकारी के कार्यालय में घंटों बातचीत के बाद दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया। पुलिस के दबाव के चलते पीड़ित और आरोपी पक्ष मीडिया के सामने तक नहीं आये। उन्होंने थाने पर बैठे आरोपी किशोर को भी अलग हटा दिया।

मामला मीडिया के संज्ञान में आने के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ने अपने बयान का एक संदेश सोशल मीडिया पर वायरल करवाया इसमें लिखा था कि “थाना अलीगंज प्रकरण अलीगंज क्षेत्रान्तर्गत बच्चों के प्रकरण में मौके पर पहुचे पुलिस अधीक्षक ट्रांस गोमती द्वार जांच की गयी। बच्ची के पिता ने स्कूल के सीसीटीवी के फुटेज के अवलोकन व बच्चों से वार्ता के पश्चात कहा कि बच्ची के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुआ है। अभिवावक इस प्रकरण में कोई कार्यवाही नही चाहते हैं।” इसके बाद लखनऊ पुलिस ने इस पूरे से अपना पल्ला झाड़ लिया।

कुछ वरिष्ठ नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी और गंभीर घटना के बाद भी लड़की के अभिभावकों ने अपनी आवाज नहीं उठाई और चुपचाप बैठ गए। यही नहीं नामी मीडिया संस्थानों ने विज्ञापन के चक्कर में चैनलों पर खबर नहीं चलाई। इतना ही नहीं प्रतिष्ठित अखबारों ने भी इस खबर को नहीं प्रकाशित किया। कुछ अखबारों ने खबर तो प्रकाशित की लेकिन इसे गेम का चैलेन्ज बता दिया। खबर ये भी मिल रही है कि स्कूल प्रशासन घटना का सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट करने की फिराक में है। अब देखने वाली बात ये होगी कि क्या स्कूल प्रशासन पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं ये तो वक्त ही बतायेगा।
गेम के चैलेंज के बाद किया दुष्कर्म |

घटना से स्कूल प्रशासन में मचा हड़कंप

घटना के बाद मासूम की जब हालत बिगड़ी तो स्कूल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने फौरन मामले को दबाते हुए लड़की के परिवार वालों को स्कूल में बुला लिया। वहीं लड़के के अभिभावकों को भी स्कूल में बुलाया गया। यहां लड़की के परिजनों ने लड़के को बेरहमी से प्रिंसिपल के सामने ही पीट डाला। इससे उसके गंभीर चोट आयी है। बेटे के पीटने की सूचना छात्र के परिजनों ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही डॉयल 100 की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने पर ले आई।

पुलिस ने गंभीर मामला कर दिया मैनेज

पूरा मामला मीडिया के संज्ञान में आने के बाद जब मीडियाकर्मी थाने पहुंचे तो आरोपी छात्र को थाने से हटा दिया गया। घटना के बाद पुलिस अधिकारी थाने पहुंच गए और दोनों पक्षों से घंटों की बातचीत के बाद आपस में समझौता करवा दिया। इस घटना से साफ है कि सीएमएस के संस्थापक के रसूख के आगे लखनऊ पुलिस भी नतमस्तक हो गई। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने पैसे लेकर इस गंभीर घटना में समझौता करवा दिया।

सीसीटीवी फुटेज गायब करने की आशंका

बताया जा रहा है कि स्कूल में लगे सीसीटीवी फुटेज में आरोपी छात्रा को बाथरूम में ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। यहां से काफी देर बाद दोनों बाहर निकले। सूत्रों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में छात्रा रोते हुए दिखाई दे रही है। आरोपी छात्र छात्रा के पीछे टॉयलेट से आता जाता दिखाई दे रहा है। आशंका जताई जा रही है कि स्कूल प्रशासन इस घटना का सीसीटीवी फुटेज गायब करने की फिराक में है।
शर्मनाक है इतनी गंभीर घटना को अभिभावकों ने दबाया- सुमन रावत

इस संबंध में पॉवर विंग संस्था की अध्यक्ष सुमन रावत ने कहा कि इतनी बड़ी और गंभीर घटना के बाद भी लड़की के अभिभावकों ने अपनी आवाज नहीं उठाई और चुपचाप बैठ गए। गंभीर घटना पर बड़े मीडिया संस्थानों ने CMS की अलीगंज शाखा में कक्षा 4 की छात्रा के साथ हुए बलात्कार जैसे संगीन मामले को भी विज्ञापन के चक्कर में नहीं चलाया, ना ही अख़बारों में खबर प्रकाशित की, कुछ लोगों ने प्रकाशित तो किया लेकिन मामला छेड़छाड़ का बता दिया। यही नहीं 40 प्रतिशत फीस में विशेष छूट में के चक्कर में पत्रकार भी खबर प्रकाशित करने से गुरेज कर रहे हैं। पुलिस ने भी मामले को बंद कमरे में मैनेज कर लिया। ऐसे ही किसी हत्या के केस में भी पुलिस से मामला मैनेज करके दबाया जा सकता है। इस गंभीर मामले ने जगदीश गांधी की ताकत बता दी, इससे पहले छात्र ने खुदकुशी की थी तो भी मामला दबा दिया गया था।

सीएमएस प्रबंधन पर कब्जेदारी अवैध वसूली का आरोप

सीएमएस स्कूल के संस्थापक पर अवैध कब्जेदारी, अवैध बिल्डिंग बनाने, कई मदो में छात्रों के अवैध वसूली, धनउगाही जैसे गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी ठेंगे पर रखते हैं। उनका रसूख यूपी ही नहीं विदेशों में भी है। सीएमएस में ज्यादातर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों, जजों के परिवार के बच्चे पढ़ते हैं। इसके चलते सीएमएस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। आरोप ये भी है कि सीएमएस की अवैध बिल्डिगों पर एलडीए भी बुलडोजर नहीं चला रहा है। जबकि अन्य जगहों पर अतिक्रमण होने पर एलडीए इसे ध्वस्त कर देता है। पिछले दिनों सीएम योगी ने एक कार्यक्रम के दौरान जगदीश गाँधी को चेतावनी देते हुए कहा था कि फीस पर नियंत्रण रखें। फिर भी कई मदो में वसूली लगातार जारी है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

इस पूरे मामले में सीओ अलीगंज दीपक कुमार ने बताया कि एक प्रतिष्ठित स्कूल में तीसरी क्लास की छात्रा के परिवारीजनों ने शिकायत की थी कि स्कूल के बाथरूम में उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ हुई। छात्रा के पिता ने जब स्कूल जाकर सीसीटीवी चेक करवाया तो स्कूल का ही आठवीं का एक छात्र बाथरूम में घुसते देखा गया। एक मिनट तक वह छात्र छात्रा के साथ बाथरूम के अंदर रहा था। इस पर पुलिस पीड़ित छात्रा और आरोपित छात्र के अभिभावकों को थाने लाई थी। कई घंटे की बातीचत के दौरान स्कूल प्रशासन भी मौजूद रहा। जांच में यह सामने आया कि “ट्रुथ एंड डेयर” गेम के तहत लड़कियों के बाथरूम में चैलेन्ज को पूरा करने के लिया छात्र घुसा था। हालांकि इसके बाद भी स्कूल प्रशासन को हिदायत दी गई है कि लेडीज टॉयलेट के बाहर सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो।

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