‘वाय चीट इंडिया’ में एजुकेशन सिस्टम में होने वाली चोरी को बखूबी दिखाया

इमरान हाशमी की फिल्म ‘वाय चीट इंडिया’ शुक्रवार को रिलीज हो गई है। फिल्म शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार पर बनी है। इमरान इस फिल्म में राकेश सिंह का किरदार कर रहे हैं, जो पैसे लेकर परीक्षाओं में अमीर स्टूडेंट्स को पास कराने के लिए उनकी जगह होशियार स्टूडेंट्स को एग्जाम देने भेजता है। तो अगर आप फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो पहले जानें कैसी है फिल्म।

कहानी…

राकेश सिंह उर्फ रॉकी(इमरान हाशमी) अपने परिवार और सपनों को पूरा करने के लिए चीटिंग की दुनिया में निकल पड़ता है। राकेश वह माफिया है जो शिक्षा व्यवस्था की खामियों का जमकर फायदा उठाता है। राकेश गरीब और अच्छे पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को इस्तेमाल करता है। वो उन गरीब बच्चों से अमीर बच्चों की जगह एंट्रेंस एग्जाम्स दिलवाता है और बदले में उन्हें पैसे देता है। उसे लगता है कि अमीर बच्चों से पैसे लेकर गरीब बच्चों को उनकी जगह एग्जाम दिलाकर और उन्हें पैसे देकर वो कोई अपराध नहीं कर रहा है। लेकिन फिर तभी उसका एक गेम गलत हो जाता है और वो पुलिस के हत्ते चढ़ जाता है। अब उसके बाद क्या होता है ये तो आपको फिल्म देखकर पता चलेगा।

एक्टिंग

इमरान की एक्टिंग में काफी मैच्योरिटी देखने को मिली। इमरान ने जिस तरह खुद को राकेश के किरदार में ढाला है वो काफी काबिलेतारीफ हैं। इस फिल्म के जरिए डेब्यू कर रहीं श्रेया ने भी अपना काम अच्छे से किया है।
 
क्यों देखें

अगर आपको एजुकेशन सिस्टम में होने वाली चीटिंग के बारे में जानना है तो आप ये फिल्म देख सकते हैं।

रेटिंग: 3

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