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यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग धांधली रोकने के लिए कर रहा खास इंतजाम

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी और सेंधमारी रोकने के विशेष इंतजाम करने जा रहा है। ऐसे लोगों पर आवेदन से लेकर परीक्षा होने तक विशेष नजर होगी। इसके साथ ही भर्ती में आवेदनों की बाढ़ रोकने के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा पर भी मंथन चल रहा है।

आवेदन के लिए सिंगल विंडो
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था की है। चयन प्रक्रिया को स्वच्छ व पारदर्शी बनाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। आवेदन पत्र एक चरण में ही करने की व्यवस्था दी गई है। परीक्षा शुल्क ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था की गई है। फीस जमा करने पर दोहरे सत्यापन की सुविधा दी गई है। ई-लाकर की सुविधा के साथ प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था की गई है। तय समय में आवेदन पत्रों में संशोधन की सुविधा भी दी गई है।

प्रवेशपत्र और साक्षात्कार के लिए बारकोड
परीक्षा में धोखाधड़ी कर पात्र के स्थान पर कोई दूसरा शामिल न हो जाए इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रवेश पत्र व साक्षात्कार पत्र में बार कोड व क्यूआर कोड छपाए जा रहे हैं। इससे परीक्षा में सही अभ्यर्थी ही शामिल हो सकेगा। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक पहचान की शुरुआत की गई है, जिससे परीक्षा से पहले धोखाधड़ी कर शामिल होने वालों को रोका जा सके। प्रश्नपत्र की अलग से सिंगल पैकिंग की व्यवस्था की गई है। इससे प्रश्नपत्र केवल अभ्यर्थी ही खोल सकेगा तथा बचे हुए प्रश्नपत्रों को सीलबंद वापस मंगाया जा सकेगा।

एक साथ नहीं दे सकेंगे परीक्षा
गिरोह बनाकर परीक्षा देने वालों को रोकने की भी व्यवस्था की गई है। भर्ती परीक्षाओं में गिरोह बनाकर शामिल वालों का बड़ा खेल है। सेटिंग-गेटिंग फार्मूले के आधार पर परीक्षा के दौरान फिसड्डी अभ्यर्थियों के साथ टॉपरों को बैठाने का धंधा है, जिससे नकल कराकर उसे पास कराया जा सके। उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में ऐसे कई गिरोहों का खुलासा एसटीएफ कर चुकी है। इसलिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ऐसे लोगों पर रोक लगाने के लिए भी विशेष इंतजाम कर रहा है। आयोग का मानना है कि नई व्यवस्था के बाद धोखाधड़ी कर भर्ती परीक्षाओं में शामिल हो पाना आसान नहीं होगा। ऐसा करने वालों को पकड़ना भी आसान होगा और पात्र युवाओं को नौकरी मिलने की राह आसान होगी।
स्क्रीनिंग परीक्षा की वजह
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने पाया है कि भर्ती के लिए निकलने वाले विज्ञापनों के बाद आवेदनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कम पद होने के बाद भी लाखों की संख्या में आवेदन आ रहे हैं। उदाहरण के लिए क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी तथा व्यायाम प्रशिक्षक के 694 पदों के लिए 3,38,423 आवेदन आए। ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी समाज कल्याण व पर्यवेक्षक के 1953 पदों के लिए 14,33,839 आवेदन आए। आयोग से मिले आंकड़ों की मानें तो यह सिर्फ बानगी है। अन्य पदों के लिए भी लाखों की संख्या में आवेदन आ रहे हैं। इसीलिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग चाहता है कि योग्य अभ्यर्थियों को मौका देने के लिए पहले स्क्रीनिंग परीक्षा करा ली जाए, जिससे मुख्य परीक्षा में योग्य अभ्यर्थी ही शामिल हो सकें |

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