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मोहाली वनडे के दिलचस्प आंकड़ें और रिकॉर्ड

चौथा वनडे जीत कर ऑस्ट्रेलिया ने 5 मैचों की सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली है। शिखर धवन (143) और रोहित शर्मा (95) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 193 रनों की बदौलत भारत ने 9 विकेट पर 358 रन बनाए। लेकिन पीटर हैंड्स्कॉम्ब 117, उस्मान ख्वाजा 91 ने तीसरे विकेट के लिए 192 रन की साझेदारी की। बाद में एशटन टर्नर ने छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 43 गेंदों पर 84 रन की पारी खेलकर मैच भारत से छीन लिया। सीरीज का फैसला अब 13 मार्च को दिल्ली में होने वाले पांचवें और आखिरी मैच से होगा।

मोहाली में इस हाई स्कोरिंग मैच से जुड़े कुछ दिलचस्प आंकड़ों पर नजर डालते हैः 

1. ऑस्ट्रेलिया ने पहली 350 से अधिक रनों का पीछा करते हुए जीत हासिल की। वनडे क्रिकेट इतिहास में रनों का पीछा करते हुए यह पांचवीं सबसे जीत थी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया 2011 में सिडनी में इंग्लैंड के खिलाफ 334 रनों का पीछा करते हुए मैच जीता था। 

2. यह पहला मौका था, जब भारत 358 रन बनाने के बावजूद हार गया। 2009 में हैदराबाद में भारत 351 रनों का पीछा करते हुए 347 पर ढेर हो गया था और 3 रन से मैच हार गया था। 

3. 2006 में पेशावर वनडे में भारत, पाकिस्तान से छह रन से हार गया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 328 रन बनाए थे। 

4. पीसीए स्टेडियम मोहाली में इससे पहले 322 रनों का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने भारत को हराया था। 

5. शिखर धवन के 143 रन वनडे में किसी भारतीय द्वारा बनाए गए तीसरे सबसे अधिक रन हैं, जब भारत हारा हो। रोहित शर्मा ने 2016 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 171 रन और सचिन तेंदुलकर ने जोधपुर वनडे में जिंबाब्वे के खिलाफ 2000 में 146 रन बनाए थे। तीन बार और 143 या उससे अधिक रन भारतीय बल्लेबाजों ने बनाए और रनों की पीछा करते हुए मैच हारे। 

7. सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की जोड़ी ने पहली विकेट के लिए 2001, जोहानिसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे में 193 रनों की साझेदारी की थी। भारत ने 50 ओवरों में 5 विकेट पर 279 रन बनाए थे। दक्षिण अफ्रीका ने 10 गेंद शेष रहते मैच जीत लिया था।

8. रोहित शर्मा ने भारत में 3000 रन पूरे करने के लिए 57 पारियां खेलीं। यह संयुक्त रूप से किसी भी भारतीय द्वारा किसी देश के खिलाफ किसी खिलाड़ी द्वारा 3000 रनों के लिए खेली गई सबसे कम पारियां हैं।

9. शिखर धवन ने लिस्ट ए क्रिकेट में 10 हजार रन पूरे करने के लिए 239 पारियां खेली हैं। विराट कोहली ने 219 पारियों में और एबी डिविलियर्स ने 225 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की है। 

10. यह वनडे क्रिकेट इतिहास का केवल दूसरा ऐसा मौका था, जब दोनों टीमों के एक एक खिलाड़ी ने शतक बनाया और एक एक खिलाड़ी 90 के आसपास आउट हुआ। इससे पहले 2015 सीडब्ल्यूसी में जिंबाब्वे-आयरलैंड के बीच मैच में ऐसा हुआ था। 

11. एरोन फिंच पहले ऐसे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बन गए, जो एक ही वनडे सीरीज में दो बार शून्य पर आउट हुए। तीन ऑस्ट्रेलियन कप्तान हैं, जो 10 या उससे अधिक के मैचों वाले टूर्नामेंट में एक से अधिक बार शून्य पर आउट हुए। 

12. जसप्रीत बुमराह केवल दूसरे ऐसे भारतीय बल्लेबाज बने, जिन्होंने 11 नंबर पर खेलते हुए वनडे क्रिकेट में अंतिम गेंद पर छक्का मारा। वेंकटेश प्रसाद ने इससे पहले 2000 में यही कारनामा किया था।

13. इस मैच में बुमराह द्वारा लगाया गया छक्का भारतीय जर्सी में उनका पहला छक्का था। बुमराह का यह 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच था। केवल इशांत शर्मा (184) मैच खेल चुके हैं और उन्होंने कोई छक्का नहीं लगाया।
 
14. महेंद्र सिंह धौनी के डेब्यू के बाद यह पहला मौका था, जब धौनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्लेइंग 11 में नहीं खेले। धौनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत में खेले गए सभी 54 मैचों में खेले हैं। इससे पहले 2004 की त्रिकोणीय सीरीज में नीदरलैंड में प्लेइंग 11 में नहीं थे।

15. मोहाली में दो छक्के जड़कर रोहित शर्मा अब सबसे अधिक वनडे इंटरनेशनल छक्के लगाने वाले भारतीय बन गए हैं। उनके बाद महेंद्र सिंह धौनी के नाम 217,  सचिन तेंदुलकर के नाम 195, सौरव गांगुली 189, युवराज सिंह 153 छक्के लगा चुके हैं।

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