मैच बाद क्यों तुरंत अस्पताल भागते हैं पार्थिव ?

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल इन दिनों काफी तनाव में जी रहे हैं। उन्हें आईपीएल 2019 में अपनी टीम और बीमार पिता दोनों को अपनी सेवाएं देनी पड़ रही हैं। पार्थिव पटेल के पिता ब्रेन हैमरेज की वजह से फरवरी से ही अहमदाबाद के एक अस्पताल में भर्ती हैं।

वहीं पार्थिव आरसीबी की टीम के साथ बैंगलोर में हैं और मैच खेलने के लिए उन्‍हें देश के अलग-अलग शहरों का दौरा करना पड़ता है। इसके चलते हर वक्‍त पार्थिव पटेल का ध्‍यान अपने फोन पर रहता है। फोन के जरिए ही उन्‍हें पिता की सेहत के बारे में पता चलता है। हालांकि मैच के दौरान पार्थिव का परिवार उन्‍हें फोन नहीं करता। पार्थिव ने बताया कि मैच के बाद जब भी वे फोन उठाते हैं तो उन्‍हें डर लग रहा होता है। आरसीबी ने मैच के बाद पार्थिव पटेल को घर जाने की अनुमति दे रखी है। खबरों के अनुसार वह हर मैच के बाद सीधे अपने पिता को देखने अस्पताल जाते हैं और फिर मैच से पहले टीम से जुड़े जाते हैं। 

पार्थिव पटेल को फोन उठाने से लगता है डर
उन्‍होंने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्‍सप्रेस को बताया, ‘जब मैं खेल रहा होता हूं तब मेरे दिमाग में कुछ नहीं होता है लेकिन जैसे ही मैच पूरा होता है मैं घर के बारे में सोचने लगता हूं। सुबह उठते ही पापा की सेहत के बारे में पूछता हूं, डॉक्‍टरों से बात करता हूं। कभी कभी कुछ कड़े फैसले लेने होते हैं। मेरी मां और बीवी घर पर हैं लेकिन आखिरी फैसला लेने से पहले मुझसे ही पूछा जाता है। शुरूआती दिन काफी अहम थे। क्‍या कुछ दिन के लिए वेंटिलेटर बंद कर दें या कितना ऑक्‍सीजन दिया जाना चाहिए, ऐसे फैसले लेना काफी कठिन होता है। मैच वाले दिनों में कई बार ऐसा होता है जब मेरा परिवार ऐसे फैसले लेता है और फिर मुझे बता दिया जाता है। वे नहीं चाहते हैं कि मेरा ध्‍यान भटके।’ पार्थिव पटेल कहते हैं कि उनपर मानसिक रूप से काफी बोझ है, लेकिन कोई क्‍या कर सकता है। वह लगातार यात्रा कर रहे हैं, लेकिन अपने खेल पर इसका असर नहीं आने देते।

loading...

Check Also

अंपायर पर भड़क उठे जडेजा-रायुडू : नोबॉल विवाद

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 12वें सीजन में अंपायरों को लेकर कई विवाद हो चुके ...