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बीते एक दशक में हुए वो कुछ बड़े रेल हादसे, जिनमें सैकड़ों की गई जान

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में बुधवार की सुबह हुए रेल हादसे में एक बार फिर से रेलवे की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यू फरक्का एक्सप्रेस की 8 बॉगी के पटरी से उतरने के बाद इसमें फिलहाल नौ लोगों की मौत की खबर है जबकि करीब 50 से ज्यादा घायल हो गए हैं। सितंबर 2017 से अगस्त 2018 के बीच एक साल में 75 रेल हादसों में 40 लोगों की मौत हुई है। जबकि, सितंबर 2016 से अगस्त 2017 के बीच आठ रेल हादसे हुए थे, जिनमें 249 लोग हताहत हुए थे।

आइये जानते हैं पिछले एक दशक में हुए कुछ बड़े रेल हादसे

जंक्शन से चलकर गोवा के मडगांव स्टेशन जानेवाली वास्को डि गामा-पटना एक्सप्रेस की 13 बोगियां शुक्रवार अल सुबह पटरी से उतर गईं। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मानिकपुर रेलवे स्टेशन के पास सुबह 4:18 बजे हुए इस हादसे में 3 यात्रियों की मौत हो गई जबकि 13 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में हुई बड़ी रेल दुर्घटनाओं पर एक नजर –

19 अगस्त 2017: को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फर नगर में उत्कल एक्सप्रेस पटरी से उतर गई, जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई और 156 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

17 मार्च 2017: बंगलुरु के चित्रादुर्गा जिले में एक एंबुलेंस की ट्रेन से भिड़ंत होने के चलते चार महिलाओं की मौत हो गई।

22 जनवरी 2017: हीराखंड एक्सप्रेस आंध्र प्रदेश के विजयानगरम जिले में पटरी से उतर गई थी। इस दुर्घटना में 27 यात्रियों की मौत हो गई थी और 36 लोग घायल हुए थे।

20 नवंबर 2016: उत्तर प्रदेश में कानपुर के पास पटना-इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 150 लोगों की मौत हो गई और 150 से अधिक लोग घायल हो गए। यह देश के सबसे बड़े ट्रेन हादसों में से एक था। इसके बाद रेलवे ने रेल हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का वादा किया था।

5 अगस्त 2015: मध्य प्रदेश के हरदा के करीब एक ही जगह पर 10 मिनट के अंदर दो ट्रेन हादसे हुए। इटारसी-मुंबई रेलवे ट्रैक पर दो ट्रेनें मुंबई-वाराणसी कामायनी एक्सप्रेस और पटना-मुंबई जनता एक्सप्रेस पटरी से उतर गईं। माचक नदी पर रेल पटरी धंसने की वजह से हरदा में यह हादसा हुआ। बता दें कि माचक नदी उफान पर थी। दुर्घटना में लगभग 31 मौतें हुईं।

8 जनवरी, 2014: बांद्रा-देहरादून एक्सप्रेस के तीन स्लीपर कोचों में आग लगने से चार लोग झुलसे, पांच लोगों की मौत हुई। यह हादसा सूरत के पास धनाउ रोड और घोलवड स्टेशन के पास हुआ।

17 फरवरी, 2014: नासिक जिले के घोटी में निजामुद्दीन एर्नाकुलम लक्षद्वीप मंगला एक्सप्रेस के 10 डिब्बे पटरी से उतरे। तीन यात्रियों की मौत और 37 अन्य घायल हुए।

4 मई, 2014: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में कोंकण रेलवे रूट पर एक सवारी गाड़ी का इंजन और छह डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत हुई जबकि 124 लोग घायल हुए।

26 मई, 2014: उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में गोरखधाम एक्सप्रेस ने एक मालगाड़ी को उसी ट्रैक पर टक्कर मार दी। हादसे में कम से कम 22 लोगों की मौत। यह दुर्घटना चुरेन रेलवे स्टेशन के पास हुई।

28 दिसंबर, 2013: आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में पुत्तापर्थी के पास बेंगलुरु नांदेड़ एक्सप्रेस के एक एसी कोच में आग लगने से 26 लोगों की मौत हुई, जबकि 12 अन्य लोग घायल हुए। मरने वालों में दो बच्चे भी थे। हादसा उस वक्त हुआ जब ज्यादातर मुसाफिर सो रहे थे।

जून 2012: यूपी के जौनपुर के महरावा और मानीकलां रेलवे स्टेशन के बीच हावड़ा से देहरादून के बीच चलने वाली दून एक्सप्रेस के 7 डिब्बे पटरी से उतरे। करीब 5 लोगों की मौत, 50 घायल। हादसे का कारण पटरी टूटना बताया गया।

28 मई 2010: बंगाल में नक्सलियों ने ज्ञानेश्वरी एक्स. को पटरी से उतारा। 148 जिंदगियां खत्म।

9 सितंबर 2002: हावड़ा-दिल्ली राजधानी का डिब्बा नदी में समाया। 100 की मौत।

20 अगस्त 1995: यूपी के फिरोजाबाद में कालिंदी-पुरुषोत्तम एक्स. भिड़ीं। 400 लोगों की मौत।

2 अगस्त 1999: असम में दो ट्रेनों की भिड़ंत। 290 की मौत।

26 नवंबर 1998: पंजाब में जम्मू तवी-सियालदा एक्स. फ्रंटियर मेल से जा भिड़ी। 212 लोग मारे गए।

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