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पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व CM पटवा, अंतिम संस्कार में पहुंचे आडवाणी सहित कई नेता


10_1482999944इंदौर/रतलाम. सीएम रहे बीजेपी के सीनियर लीडर सुंदरलाल पटवा पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके पैतृक गांव कुकड़ेश्वर में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए लालकृष्ण आडवाणी, वेंकैया नायडू समेत बीजेपी-कांग्रेस के कई लीडर्स और वर्कर्स पहुंचे। शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने उनकी अर्थी को कंधा दिया। बुधवार को हुआ था निधन…
– सु्ंदरलाल पटवा का पार्थिव शरीर एयर बस से गुरुवार सुबह नीमच जिले में उनके पैतृक गांव कुकड़ेश्वर लाया गया।
– पार्थिव देह के साथ शिवराज सिंह चौहान, नरेन्द्र सिंह तोमर, सुंदरलाल पटवा के भतीजे और पर्यटन मंत्री सुरेन्द्र पटवा पहुंचे।
– अंतिम यात्रा में लालकृष्ण आडवाणी, वेंकैया नायडू, उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान अौर रमनसिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए।
– पटवा के अंतिम दर्शन के लिए बीजेपी और कांग्रेस के 100 से ज्यादा विधायक भी कुकड़ेश्वर पहुंचे।
– सुंदरलाल पटवा का 92 साल की उम्र में बुधवार को निधन हो गया था।
पार्थिव देह पटवा एकेडमी में रखी गई अंतिम दर्शन को
– नीमच में हवाई पट्‌टी के पास पटवा एकेडमी में पार्थिक शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया।
– पार्थिव देह को यहां से बाय रोड मनासा होते हुए पैतृक गांव कुकड़ेश्वर ले जाया गया।
– यहां अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान पर रखा गया।
– दोपहर 2 बजे उनका अंतिम संस्कार खेत में किया गया
ऐसा रहा पटवा का सफर
– सुंदरलाल पटवा का जन्म 11 नवंबर 1924 को नीमच जिले के कुकड़ेश्वर में श्वेतांबर जैन मन्नालाल-भूरीदेवी पटवा के यहां हुआ था।
– सुंदरलाल पटवा की शुरुआती पढ़ाई कुकड़ेश्वर और रामपुरा में हुई। इंटरमीडिएट करने के बाद उनकी शादी हो गई।
– 1942 से 51 तक उन्होंने राष्ट्रीय सेवक संघ के कार्यकर्ता और विस्तारक के रूप में काम किया।
– 1948 में आरएसएस पर बैन लगने के बाद 6 महीने जेल में रहे। 1951 से जनसंघ के फाउंडर मेंबर रहे और जनसंघ में रहकर काम किया।
– 1980 में जनसंघ से भाजपा बनी और पटवा उसके भी फाउंडर मेंबर रहे।
– 1957 में मनासा विधानसभा से चुनाव लड़ा। 1962 मनासा, 1977 मंदसौर, 1980 सीहोर, 1985, 1990,1993 और1998 में भोजपुर से विधायक रहे।
– 1997 से 1998 तक छिंदवाड़ा से सांसद रहे और 1999 से 2004 होशंगाबाद से। भाजपा में राष्ट्रीय पदों पर रहे।
दो बार बने सीएम
– सुंदरलाल पटवा 20 जनवरी 1980 से 17 फरवरी 1980 तक और 5 मार्च 1990 से 15 दिसंबर 1992 तक प्रदेश के सीएम रहे।
– 1999 से 2001 तक केंद्रीय पंचायत एंड रूरल डेवलपमेंट मिनिस्टर रहे।
– उन्होंने पैदल यात्राएं भी कीं। 1984 में जगदलपुर से झाबुआ तक 2200 किलोमीटर की पैदल यात्रा और 1994 में राजगढ़ जिले के गांवों की पैदल यात्रा काफी चर्चा में रही।