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धौनी ने दिया बड़ा बयान, कप्तानी छोड़ने के लिए किया गया मजबूर

देश के सबसे सफल क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने बुधवार को वनडे और टी-20 टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फैसले पर धौनी का कहना था कि अगले वन-डे और टी-20 वर्ल्ड कप में एक कप्तान होना चाहिए, इसलिए वह हट गए ताकि बोर्ड जल्द नया कप्तान चुन ले।

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लेकिन अब ऐसी खबर आ रही है कि धौनी ने खुद कप्तानी छोड़ने का फैसला नहीं लिया है बल्कि चयनकर्ताओं ने उनपर इसके लिए दवाब डाला था।  

बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि धौनी ने खुद कप्तानी छोड़ने का फैसला नहीं लिया था। चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद, धौनी से पिछले सप्ताह झारखंड और गुजरात के बीच चल रहे रणजी मैच के दौरान मिलने गए थे।

धौनी के कप्तानी छोड़ने की घोषणा के बाद प्रसाद ने कहा था, ‘मैं धौनी के इस फैसले को सलाम करता हूं। उन्होंने सही समय पर सही निर्णय लिया है। धौनी जानते हैं कि इस वक्त विराट कोहली खुद को साबित कर चुके हैं खासकर टेस्ट में एक लीडर के रूप में।

सूत्र ने बताया कि धौनी के कप्तानी छोड़ने और कोहली को कप्तानी की कमान सौंपने की प्लानिंग पहले से ही चल रही थी। इसकी शुरूआत 21 सितंबर को नई चयन समिति के गठन के साथ ही हो गई थी। सूत्र ने बताया, ‘पांच लोगों के इस पैनल ने इंडियन क्रिकेट के रोड मैप की पूरी कमान अपने हाथ में ली हुई है, जिनका फोकस 2019 का वर्ल्ड कप है।’ 

उस समय धौनी को उन्होंने समझाया कि कोहली को कमान क्यों सौंपी जानी चाहिए। यही बात एक बार फिर झारखंड में दोहराई गई, जिसके तुरंत बाद धौनी ने कप्तानी छोड़ने की घोषणा कर दी। धौनी के ऊपर लगातार प्रेशर डाला जा रहा था। 

धौनी के ऊपर कप्तानी को लेकर काफी दवाब बना हुआ था। जबकि विराट ने लगातार 5 टेस्ट सीरीज में भारत को जीत दिलाई थी। 2015 में भारत अपनी सरजमीं पर साउथ अफ्रीका को हराया। पिछले साल की शुरूआत में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 4-1 से हराया था। फिर साल के अंत में न्यूजीलैंड को 3-2 से मात दी।

2015 के वर्ल्ड कप में धौनी की कप्तानी में भारत को सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था। उस साल भारत ने सिर्फ 7 वनडे जीते थे और 6 हारे थे। धौनी कैंप टेस्ट में बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही थी जबकि चयन समिति का फोकस लंबे प्रारूप पर था।

 
 
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