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डिफेंस इंडस्ट्रयिल कारीडोर परियोजना को लगे पंख, जमीन खरीदने की तैयारी

बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के साथ-साथ डिफेंस इंडस्ट्रयिल कारीडोर परियोजना को अब पंख लगने वाले हैं। सरकार ने अपनी ओर से रक्षा क्षेत्र की कई कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया है तो वहीं भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड व बोइंग इंडिया ने इस कारीडोर में निवेश की रुचि दिखाई है। बोइंग की योजना तो स्किल सेंटर बनाने की है। यह दोनों भाजपा सरकार के खास प्रोजेक्ट हैं जिसका लाभ उसे लोकसभा चुनाव में भी मिल सकता है। कारीडोर के जरिए 2.5 लाख लोगों को रोजगार दिलाने की तैयारी है।

कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां करेंगे निवेश

सूत्रों के मुताबिक रक्षा हथियार व उपकरण निर्माण कंपनियों में गोवा शिपयार्ड, हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स्, हिंदुस्तान शिपयार्ड, एयरबस ग्रुप, भारत फोर्ज, एल एंड टी, एमकेयू बोइंग व  हनीवेल यूपी में निवेश के लिए आ सकती हैं। सरकार ने इन कंपनियों समेत 40 कंपनियों को डिफेंस कारीडोर में निवेश के लिए कहा है। इस कारीडोर में लड़ाकू हवाई जहाज, उनके उपकरण, हेलीकाप्टर, टैंक, तोप आदि का निर्माण होगा।

प्रदेश सरकार रक्षा मंत्रालय के सहयोग से जल्द कानपुर में रक्षा उत्पाद प्रदर्शनी व एक्सपो का आयोजन करेगी। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा उत्पादन यूनिट के साथ-साथ निजी क्षेत्र की कंपनियां एक जगह एकत्र होंगी और कारीडोर में निवेश के क्षेत्र तलाशेंगी। इन्हें बताया जाएगा कि एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करने वाली मेगा एन्कर और एन्कर यूनिटों को जमीन खरीदने का 25 फीसदी धनराशि सरकार अनुदान देगी। यही नहीं आयातित प्लांट-मशीनरी को लाजिस्टिक पार्क, ट्रांसपोर्ट हब, हार्बर, पोर्ट से फैक्ट्री तक ले जाने पर 50 फीसदी ट्रांसपोर्ट सब्सिडी या दो करोड़ रुपये अधिकतम दिए जाएंगे। उत्पादन के पहले साल यह लाभ मिलेगा। यह कारीडोर व बुंदेलखंड एक्सप्रेस के आसपास बनने के कारण दोनों प्रोजेक्ट की अहमियत भी काफी बढ़ गई है।

3407  करोड़ रुपये की लागत से 5125 हेक्टेयर जमीन चिन्हित 

दूसरी ओर डिफेंस इंडस्ट्रयिल कारीडोर  प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी यूपीडा ने अपनी ओर से जरूरी काम शुरू कर दिया है। इसके लिए छह जिलों में  3407  करोड़ रुपये की लागत से 5125 हेक्टेयर जमीन चिन्हित कर ली गई है। इन जिलों में प्रस्तावित डिफेंस कारीडोर के लिए विभिन्न डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग सेंटर आगरा, अलीगढ़, झांसी, जालौन, चित्रकूट व कानपुर में बनेंगे। काफी जमीन यूपीएसआईडीसी को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

सेंटर फॉर एक्सीलेंस 

इस बीच आईआईटी कानपुर ने डिफेंस कारीडोर के लिए सेंटर फार एक्सीलेंस बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह सेंटर एडवांस नैनो मैटेरियल व नैनो तकनीक, साइबर सिक्योरिटी फार डिफेंस, इलेक्ट्रानिक्स एवं कम्यूनिकेशन व मानव रहित एरियल व्हीकल के लिए तकनीकी ज्ञान उपलब्ध करवाएगा। इन सब पर 42 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक सेंटर आफ एक्सीलेंस आईआईटी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा विकसित होना है। इसको एडवांस नैनो मैटेरियल, सेंसर मैटेरियल, मेटल, एलाय, सुरक्षा, रक्षा निर्माण आदि पर काम करना है।

इन जिलों में इतनी जमीन ली जाएगी 

जिला                      चिन्हित जमीन               अनुमानित अधिग्रहण या क्रय की लागत (करोड़ रु. )

झांसी         –              3,025 हेक्टेयर      –          940.83

अलीगढ़     –              100  हेक्टेयर        –            241.54

जालौन      –              200  हेक्टेयर        –         1450.00

आगरा       –              300 हेक्टेयर         –         175.00

चित्रकूट     –             500 हेक्टेयर          –             450.00

कानपुर      –              1000 हेक्टेयर       –           150.00

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