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टोना-टोटका के डर से दमोह नगर पालिका अध्यक्ष ने छोड़ी कुर्सी

दमोह, ओपी सोनी। समाज को आइना दिखाने वाले जनप्रतिनिधि यदि टोना-टोटका आदि अंधविश्वास में जकड़े हों तो समाज की परिकल्पना कैसी होगी आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं। ऐसे ही अंधविश्वास की शिकार दमोह नगरपालिका अध्यक्ष मालती असाटी हैं।

जादू-टोना के डर से उन्होंने अपनी कुर्सी तक छोड़ दी जिस पर बैठकर उन्होंने नपाध्यक्ष का कार्यभार संभाला था। डर के कारण अब वे सीएमओ की कुर्सी पर बैठती हैं और अपनी कुर्सी सीएमओ को दे दी है। हैरानी की बात यह है कि जब उनसे इस संबंध में पूछा तो उन्होंने खुद अपने अंधविश्वास के डर को जाहिर कर दिया।

मामला दो माह पूर्व दीपावली के समय का है, लेकिन इस बात का खुलासा बुधवार को हुआ है। दीपावली के मौके पर नगरपालिका कार्यालय में भी पूजन किया गया था, लेकिन किसी ने नपाध्यक्ष श्रीमती असाटी की कुर्सी पर कुछ ऐसी पूजन सामग्री रख दी, जिसे अंधविश्वास को मानने वाले टोना-टोटका की सामग्री कहते हैं।

दीपावली के दो दिन बाद जब नपाध्यक्ष कार्यालय पहुंची और कुर्सी पर बैठने लगीं तो उन्हें सीट पर कुछ चावल के दाने दिखे। उन्होंने कुर्सी से टॉवेल हटाया तो कुछ ऐसा देखा, कि वे काफी डर गईं।

फूल गईं थी नपाध्यक्ष की सांसें

अपनी कुर्सी पर चांवल, सिंदूर, बाल, हड्डी और न जाने कितने प्रकार की टोना-टोटका के लिए प्रचलित सामग्री देखते ही नपाध्यक्ष की सांसे फूल गईं। घबराहट में उन्होंने मौजूद सभी कर्मचारियों व कुछ पार्षदों को अपने कक्ष में बुला लिया, बाकी लोग भी देखकर हैरत में पड़ गए। वे किसी मीटिंग में शामिल होने आईं थी। फौरन कर्मचारियों ने कुर्सी को साफ किया, लेकिन फिर भी वे कुर्सी पर नहीं बैठीं बाद में उन्होंने उस कुर्सी को हटवाया और सीएमओ की कुर्सी बुलाकर उस पर बैठीं।

सीएमओ को दे दी अपनी कुर्सी

जादू-टोना के डर से जिस कुर्सी पर नपाध्यक्ष आज तक नहीं बैठीं, उस कुर्सी पर प्रभारी सीएमओ कपिल खरे बैठ रहे हैं। श्री खरे पूरी तरह स्वस्थ्य हैं और स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान की कमान संभालकर शहर की बेहतर व्यवस्थाएं करने में जुटे हैं।

दुनिया है, कुछ भी हो सकता है

नपाध्यक्ष मालती असाटी का कहना है कि दुनिया है, कुछ भी हो सकता है। अच्छे-बुरे हर तरह के लोग होते हैं। टोना-टोटका की पूरी सामग्री उनकी कुर्सी पर रखी गई थी, इसलिए वे उस कुर्सी पर नही बैठीं। हां ये बात सही है कि उन्होंने बैठने के लिए सीएमओ की कुर्सी बुला ली थी। उस कुर्सी पर सीएमओ बैठ रहे हैं, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

प्रभारी सीएमओ कपिल खरे अपनी नपाध्यक्ष के इस रवैये पर कुछ भी कहने से बचते रहे। उन्होंने केवल इतना कहा कि अध्यक्ष जी ने उनकी कुर्सी ले ली थी। उनकी कुर्सी अलग कर दी गई थी, इसलिए अब वे उसका उपयोग कर रहे हैं।