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छात्रा डीका मर्डर केस : हॉस्टल पहुंचे MLA ने छात्राओं से पूछे आपत्तिजनक सवाल

हाजीपुर ( कुढ़नी) : बिहार के वैशाली में हाजीपुर के दिग्घी मजीराबाद स्थित राजकीय आंबेडकर विद्यालय छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही दसवीं की छात्रा डीका की संदिग्ध हालत में मौत के बाद सोमवार को रालोसपा के विधायक ललन पासवान यहां छात्राओं से मिलने पहुंचे. सहेली की मौत से दुखी छात्राओं से विधायक ने ऐसे प्रश्न पूछे जो बेहद आपत्तिजनक थे, जिसे सुनकर छात्राएं सहम गयीं और शर्म से सिर झुका लिया.

छात्रा डीका मर्डर केस : हॉस्टल पहुंचे MLA ने छात्राओं से पूछे आपत्तिजनक सवाल
एससी-एसटी छात्रावास पहुंचे रालोसपा विधायक ने पहले उस जगह को देखा जहां छात्रा की लाश मिली थी. इसके बाद उन्होंने छात्रावास में रह रही छात्राओं से बात की. पढ़ाई और खाने से शुरू हुयी बातचीत जल्द ही दुष्कर्म के मुद्दे पर आ गयी. इसी कड़ी में विधायक ने 10वीं की एक छात्रा से पूछा कि ठीक से बताओं कि खून कहां से निकल रहा था. क्या पूरा कपड़ा खून से भींग गया था.

विधायक के सवाल सुन लड़की झेंपने लगी तो विधायक उत्तर पाने के लिए उसे कहने लगे कि आज तुम इस घटना के बारे में नहीं बताओगी और अपराधी नहीं पकड़ा जायेगा तो फिर किसी और के साथ भी ऐसा हो सकता है. उन्होंने सवाल करते हुए कहा, कोई तुम्हारे साथ भी गलत कर दे तो क्या होगा. विधायक की बात सुन लड़की ने मजबूरी में जवाब दिया कि मृतक छात्रा की हालत कैसी थी और उनलोगों ने कैसे उसके कपड़े बदले थे.

विधायक ललन पासवान रोहतास जिले के चेनारी से चुने गये हैं. मालूम हो कि हाजीपुर के एससी-एसटी छात्रावास में रहने वाली छात्रा डिकी की संदिग्ध हालत में मौत के बाद रविवार सुबह खून से सना उसका शव बरामद हुआ था.

मौत के बाद सहमी 40 छात्राओं ने छोड़ा स्कूल
हाजीपुर के दिग्घी मजीराबाद स्थित राजकीय आंबेडकर विद्यालय छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही दसवीं की छात्रा डीका की हत्या के बाद विद्यालय की 40 महादलित छात्राओं ने यहां नहीं पढ़ने का निर्णय लिया है. सभी अपने गांव लौट गयी हैं. डीका की मौत के बाद से ये छात्राएं सहमी हुयी हैं. छात्रा मीरा, मधु, काजल, मंजू, अलका, विनीता, संगीता, सुरभि आदि ने एचएम डॉ इंदु कुमारी को बरखास्त करने की मांग की है.

छात्राओं ने बताया कि स्कूल के अंदर अभिभावकों को जाने नहीं दिया जाता था. अभिभावकों को बुलाने पर गिरफ्तार कर जेल भेजने की धमकी दी जाती थी. विद्यालय को भोजन उपलब्ध करानेवाले एक एनजीओ का युवक यहां बराबर आता रहता था. दो-तीन दिन तक उसे हॉस्टल में रोक कर रखा जाता था.

छात्राओं ने कहा कि स्कूल की चहारदीवारी टूटी हुयी है. इस कारण यहां असामाजिक तत्वों का आना-जाना लगा रहता है. वर्ष 2009 में भी एक छात्रा के साथ शिक्षक ने पानी पिलाने का बहाना बना कर कमरे में बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया था. पीड़ित छात्रा ने घटना की जानकारी सहेली को दी, तब मामला संज्ञान में आया था. बाद में दोषी शिक्षक को निलंबित कर छोड़ दिया गया.

विधायक ने परिजनों को दी सांत्वना
घटना के बाद सोमवार को विधायक केदार गुप्ता व अनुसूचित जाति-जनजाति के प्रखंड अध्यक्ष शिवशंकर राम मृत छात्रा के परिजनों से मिलने फतेहपुर कस्तूरी पहुंचे. इस दौरान विधायक ने पिता शिवमंगल मांझी व मां कुशमी देवी से घटना की जानकारी ली. डीका की मां ने बताया कि वह दो दिन पहले बेटी से मिलने गयी थी. उसने कहा था कि मां, एक शिक्षक मुझे बुरी नजर से देखता है. वह नंबर देने का प्रलोभन देकर नाजायज संबंध बनाने की बात कह रहा है.

रविवार की सुबह मौत की खबर मिलने पर जब मैं वहां गयी, तो देखा कि शव खून से सना हुआ नाले में पड़ा था. उसके शरीर पर का कपड़ा फटा हुआ था. प्राइवेट पार्ट पर जख्म के निशान थे. इस पर विधायक ने वैशाली डीएम रत्ना पाटिल से मोबाइल पर बात की.

स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से हुई घटना
विधायक ने कहा कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से छात्रा की मौत हुई है. डीएम ने डीडीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर मामले की जांच शुरू किये जाने की बात कही. विधायक ने कहा, घर छोड़ पढ़ने के लिए गयी दलित बेटी की हत्या होना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. इस मौके पर पंकज गुप्ता, शिवनाथ पासवान, वसंत मांझी, हरेकिशुन मांझी, जगदीश मांझी, राजेश मांझी, शिवचंद्र मांझी आदि उपस्थित थे.

छात्रावास अधीक्षक व प्राचार्या निलंबित, वार्डेन व रात्रि प्रहरी को भेजा जेल
हाजीपुर. राजकीय अांबेडकर आवासीय बालिका उच्च विद्यालय की दसवीं कक्षा की छात्रा की हत्या के मामले में सोमवार को डीएम रचना पाटिल के आदेश पर छात्रावास अधीक्षक शिव पासवान व प्राचार्य इंदू देवी को निलंबित कर दिया गया. वहीं छात्रावास की वार्डेन संजू देवी और रात्रि प्रहरी मो कैशर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. इधर, छात्रा की हत्या विरोध में स्थानीय लोगों ने छात्रावास के पास हंगामा किया. प्राचार्या व कर्मियों को बाहर निकालने की मांग करते हुए परिसर में घुसने का प्रयास कर रहे थे.

हालांकि, वहां तैनात पुलिस जवानों ने लोगों को अंदर जाने से रोक दिया. लोगों ने छात्रावास के पास एनएच-77 को जाम कर दिया. टायर जला कर वाहनों की आवाजाही रोक दी. सदर थानाध्यक्ष ने बताया कि प्राथमिकी में आरोपित वार्डेन संजू देवी और रात्रि प्रहरी मो कैशर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.