चीन में लगातार गिर रही है शादी करने की दर

दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देश चीन के लिए अब चिंता का विषय जनसंख्या विस्फोट नहीं, बल्कि कुंवारे युवाओं की बढ़ोतरी है। चीनी युवाओं का बड़ा तबका शादी को अब अनिवार्य नहीं मानता। युवाओं की नजर में महंगी जीवन शैली और बच्चों की शिक्षा का बोझ उठाने से बेहतर शादी न करना है। ये परिणाम एक सर्वे में सामने आए हैं। 

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) और नागरिक मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसके मुताबिक 2018 में एक हजार लोगों में शादी करने की दर 7.2 फीसदी रही। जबकि पांच साल पहले यह दर 9.9 फीसदी थी। चीन संख्यिकी वार्षिकपुस्तिका- 2018 के हिसाब से चीन में 24 करोड़ युवा अविवाहित हैं।

साथ ही वहां तलाक लेने वालों की संख्या भी बढ़ी है। रिपोर्ट के हिसाब से यह संख्या 2.3 करोड़ है। आर्थिक रूप से संपन्न प्रांतों में शादी करने की दर सबसे कम है। आर्थिक राजधानी शंघाई में यह दर मात्र 0.44 फीसदी और झेजियांग प्रांत में 0.59 फीसदी है। 

बदल रहा है चीन का समाज 

पेकिंग विश्वविद्यालय के समाजशास्त्री प्रो. लू जेहुआ का कहना है कि 1980 और 90 के दशक में जन्मे बच्चे अब वयस्क हैं और आज की परिस्थितियों में वे देर से शादी करने या शादी न करने को बेहतर मान रहे हैं। चीन का सहिष्णु होता वातावरण इसका प्रमुख कारण है। जहां युवा अपनी आजादी को लेकर मुखर हैं। दूसरी ओर, आर्थिक जानकार मानते हैं कि मकानों के दाम बढ़ने और महंगी शिक्षा के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। 

80 और 90 के दशक में जन्मे चीनी युवाओं का मूड

– 29.5 % युवा नहीं ढूंढ़ पा रहे शादी के लिए बेहतर जीवन साथी  
– 23.4 % चीनी परिवार का बोझ उठाने में खुद को पाते हैं असमर्थ 
– 16.5 % युवाओं को पसंद है अकेला रहना
– 12.3 % युवाओं ने अस्थायी जीवन को बताया कारण 
– 8.8 % काम के बोझ के कारण नहीं करना चाहते शादी

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