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ग्रामीण क्षेत्र की बैंकों में नहीं कैश

ग्रामीण अंचलों के बैंकों में गुरुवार को भी कैश नहीं पहुंचा। इसके चलते धन निकासी के लिए बैंक शाखा पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। वहीं रिसिया मोड़, मटेरा और नवाबगंज में कैश की किल्लत के चलते झड़प की स्थिति बनी। बैंकों में अफरातफरी का माहौल रहा। फखरपुर में दो महिलाएं धक्कामुक्की के बीच चोटहिल हो गईं।phpthumb_generated_thumbnail
 
शहर के बैंकों में कैश का वितरण हुआ। एटीएम में दोपहर में ही पैसा खत्म हो गया। नोटबंदी के बाद बैंकों में कैश की किल्लत गुरुवार को भी बरकरार रही। ग्रामीण अंचलों के 45 बैंकों में कैश नहीं पहुंचने के कारण खाता धारकों को पैसे का भुगतान नहीं हो सका। कुछ जगह लोगों को दो से चार हजार रुपये देकर काम चलाने को कहा गया।

फखरपुर क्षेत्र में इलाहाबाद बैंक की शाखा में पैसा नहीं होने पर खाता धारकों व बैंक कर्मियों में झड़प हुई। धक्कामुक्की में कतार में खड़ी दो महिलाएं चोटहिल भी हुईं।  इसके बाद पूरे दिन बैंक में ताला लटकता रहा। वहीं नवाबगंज में भी भीड़ के बीच धक्कामुक्की के चलते रूपरानी और परागा चोटहिल हो गईं।

रिसियामोड़ पर स्थित ग्रामीण बैंक लौकी की शाखा में भी कैश की कमी बनी रही। उधर महाराजगंज के इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में खाता धारकों को जरूरत के मुताबिक कैश का भुगतान नहीं किया जा रहा था। इससे बैंक कर्मचारियों व ग्राहकों में झड़प हुई। पुलिस को लोगों को शांत कराने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा।

जरवलरोड के इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में भी यही हालात रहे। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के एटीएम में भी कैश की कमी के कारण लोगों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। जिन एटीएम में पैसा था वहां पर लंबी लाइन लगी रही।