गणपति को विराजमान करने का तरीका, पढ़ें प्रतिष्ठापना विधि और पूजा का शुभ मुहूर्त

आज है गणेश चतुर्थी। भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दर्शी तक यह उत्सव मनाया जाता है। मान्यता है कि इन 10 दिनों में बप्पा अपने भक्तों के घर आते हैं और उनके दुख हरकर ले जाते हैं। यही वजह है कि लोग उन्हें अपने घर में विराजमान करते हैं। 10 दिन बाद उनका विसर्जन किया जाता है। यहां पढ़ें कैसे गणपति बप्पा को अपने घर में विराजमान करना है और उनका पूजा स्थल किन सामग्रियों से सजाना है।

गणपति की प्रतिष्ठापना
गजानन को लेने जाएं तो नवीन वस्त्र धारण करें। चांदी की थाली में स्वास्तिक बनाकर उसमें गणपति को विराजमान करके लाएं। चांदी की थाली संभव न हो पीतल या तांबे का प्रयोग करें। मूर्ति बड़ी है तो हाथों में लाकर भी विराजमान कर सकते हैं। घर में विराजमान करें तो मंगलगान करें, कीर्तन करें। लड्डू का भोग भी लगाएं।

ऐसा हो पूजा स्थल
आज आप इस समय अपने घर गणपति को विराजमान करें। कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं। चार हल्दी की बंद लगाएं। एक मुट्ठी अक्षत रखें। इस पर छोटा बाजोट, चौकी या पटरा रखें। लाल, केसरिया या पीले वस्त्र को उस पर बिछाएं। रंगोली, फूल, आम के पत्ते और अन्य सामग्री से स्थान को सजाएं। तांबे का कलश पानी भर कर, आम के पत्ते और नारियल के साथ सजाएं। यह तैयारी गणेश उत्सव के पहले कर लें।

गणेशोत्सव मुहूर्त
13 सितंबर मध्याह्न गणेश पूजा का समय – 11:03 से 13:30 बजे तक
13 सितंबर को, चन्द्रमा को नहीं देखने का समय – 09:31 से 21:12 बजे तक
’  चतुर्थी तिथि समाप्त – 13 सितम्बर 2018 को 14:51 बजे

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