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केरल में बाढ़ की स्थिति भयावह, मरने वालों की संख्या 67 पहुंची, कोच्चि हवाई अड्डा शनिवार तक बंद

केरल के कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी भर जाने से स्थिति और गंभीर हो गयी है। कोच्चि हवाई अड्डा पर शनिवार तक विमानों का परिचालन रोक दिया गया है। इस बीच, राज्य में 25 लोगों की मौत होने के साथ बारिश और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 67 पहुंच गयी है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी 14 जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। राज्य में उत्तर में कासरगोड से लेकर दक्षिण में तिरूवनंतपुरम तक सभी नदियां उफान पर हैं। मुल्लापेरियार समेत 35 बांधों के फाटक खोल दिये गये हैं।

बाढ़ के कारण दक्षिण रेलवे और कोच्चि मेट्रो ने आज अपना परिचालन निलंबित कर दिया जिससे मध्य केरल के कई हिस्सों में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली चरमरा गयी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रक्षा मंत्रालय से केरल में राहत और बचाव अभियान और तेज करने को कहा है। राज्य में बाढ़ की भीषण स्थिति बनी हुई है। प्रधानमंत्री ने आज सुबह केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से भी बातचीत की।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘ हमने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की और रक्षा मंत्रालय से राज्य में राहत और बचाव अभियान को तेज करने को कहा है। केरल के लोगों की सुरक्षा और बेहतरी के लिए मैं प्रार्थना कर रहा हूं।’

लगातार हो रही बारिश के कारण पेरियार नदी में जलस्तर बढ़ गया है और मुल्लापेरियार, चेरुतोनी, इडुक्की जलाशय और इदामालयार सहित सभी प्रमुख बांधों के सभी फाटक खोल दिये गये हैं। इसके कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है।

मुख्मयंत्री पिनारयी विजयन ने बताया कि आज 25 लोगों की मौत होने के साथ ही राज्य में वर्षाजनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 67 हो गयी है। अधिकारियों के मुताबिक अकेले मल्लापुरम से ही 11 लोगों की मौत की खबर है।

विजयन ने कहा कि भारी वर्षा अभी कुछ और दिन जारी रहेगी जिससे स्थिति और बिगड़ेगी। पूरे राज्य में डेढ़ लाख से अधिक लोग राहत शिविरों में रखे गये हैं। एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से राज्य की गंभीर स्थिति पर चर्चा की है। प्रधानमंत्री ने सभी सहायता का आश्वासन दिया है।

विजयन ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया है। ट्रेन सेवाएं बाधित हैं और सड़क परिवहन सेवाएं भी अस्तव्यस्त हैं। जगह- जगह सड़कें पानी में डूब गयी हैं। अधिकारियों के अनुसार कसारगोड को छोड़कर बाकी सभी जिलों में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी की घोषणा कर दी गयी है। कॉलेजों और महाविद्यालयों ने परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।

राज्य के विभिन्न हिस्सों में विद्युत आपूर्ति, संचार प्रणाली, पेयजल आपूर्ति बाधित है। स्थिति के और गंभीर होने पर राज्य सरकार ने सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और सैन्य इंजीनियरिंग की और भी टीमों की मदद मांगी है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल पी सदाशिवम से भी मुलाकात की और उन्हें स्थिति के बारे में बताया।

अतिरप्पली, पोनमुढी और मन्नार समेत कई बड़े पर्यटन केंद्र बंद कर दिये गये हैं जहां ओणम उत्सव के मौके पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद होती है। कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परिसर में पानी घुस जाने के कारण उसे शनिवार तक बंद करने की घोषणा की गयी है। इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइस जेट ने कोच्चि हवाई अड्डा से अपना परिचालन बंद करने की घोषणा की है।

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