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एक दर्जन IAS अफसरों ने विधानसभा अध्यक्ष से लिखित में मांगी माफी

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में वार्षिक प्रतिवेदन देरी से रखने के मामले में गुरूवार को एक दर्जन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल से लिखित में माफी मांगी । अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के इन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के माफी पत्र लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव एन.सी.गोयल,केबिनेट सचिव पी.के.गोयल और विधि सचिव आशुतोष कुमार मिश्रा विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उपस्थित हुए ।

प्रदेश में यह पहला मौका था जब एक दर्जन आईएएस अधिकारियों को लिखित में विधानसभा से माफी मांगनी पड़ी । दरअसल,वार्षिक प्रतिवेदन में विभाग का वार्षिक ब्यौरा होता है,जिनकी विभाग द्वारा वर्ष में किए गए कार्यों और योजनाओं का उल्लेख होता है । इन्ही जानकारियों के आधार पर विधायक विधानसभा में बजट अनुदान मांगों पर होने वाली बहस में शामिल होते हैं । हाल ही में सम्पन्न विधानसभा के बजट सत्र में विभिन्न विभागों के 72 वार्षिक प्रतिवेदन सदन में पेश नहीं हुए थे ।

इस पर उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को माफी नामें लेकर 12 मार्च को पेश होने के लि कहा था,बाद में यह तारीख 22 मार्च तय कर दी गई । इस कारण गुरूवार को अफसरों के माफीनामे अध्यक्ष के समक्ष पेश किए गए संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने बताया कि अध्यक्ष ने सभी अफसरों को भविष्य में समय पर वार्षिक प्रतिवेदन विधानसभा में पेश करने की हिदायत देते हुए माफ कर दिया ।

इन अफसरों ने मांगी माफी

विधानसभा अध्यक्ष से लिखित में माफी मांगने वालों में प्रमुख रूप से उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव खेमराज,सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी.मोहंति,स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मंजीत सिंह,वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल,जल संसाधन सचिव शिखर अग्रवाल,खाघ सचिव मुग्धा सिंहा,आपदा सचिव हेमंत गैरा,कार्मिक सचिव भाष्कर सावंत,शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार,शिक्षा आयुक्त आदि शामिल है ।  

 
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