इन तरीकों को अपनाकर होम-ऑटो लोन की मासिक किस्त कम करें

हाल ही में रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती के बाजवूद बैंकों ने ब्याज दरों में मामूली कमी की है। आने वाले समय में भी बैंकों की ओर से बड़ी कटौती की उम्मीद बहुत ही कम है। यानी आपको होम-ऑटो लोन की ईएमाआई पर राहत के लिए अभी और इंतजार करना होगा। वहीं अगर आप अपने लोन की ईएमआई बोझ से परेशान हैं तो कुछ आसान उपाय अपनाकर फौरी राहत पा सकते हैं। 

आंशिक प्री-पेमेंट एक बेहतर विकल्प 
अगर आप किसी भी बैंक से होम लोन लिया तो उसका आंशिक प्री-पेमेंट कर ईएमआई को आसानी से कम कर सकते हैं। वहीं ऑटो लोन के प्री-पेमेंट पर कुछ बैंक शुल्क वसूलते हैं लेकिन एसबीआई इस पर कोई शुल्क नहीं लेता है। आप अपने बोनस की रकम, रिश्तेदार से मिले नगद ऊपहार, शेयरों से हुई कमाई, संपत्ति की बिक्री, बचत आदि से मिली रकम का इस्तेमाल करके लोन का प्री-पेमेंट कर सकते हैं। 

इस तरह मिलती है राहत 
आपने अगर 9% ब्याज दर पर 15 साल के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है और  बैंक में एकमुश्त 1 लाख रुपये जमा करते हैं तो ब्याज के रूप में 1.9 लाख रुपये की बचत होगी। इतना ही नहीं, इससे लोन की अवधि भी लगभग 5 महीने कम हो जाएगी। ऐसा इसलिए होगा कि होम लोन शुरू होन पर ईएमआई का अधिक हिस्सा ब्याज के रूप में जाता है। अगर आप एकमुश्त रकम जमा करते रहेंगे, तो ईएमआई का बोझ लगातार कम होता जाएगा।

सस्ती ब्याज दरों वाले पर बैलेंस ट्रांसफर
बैंक अपना करोबार बढ़ाने के लिए होम या पर्सनल लोन को सस्ती ब्याज पर ट्रांसफर का विकल्प देते हैं। लेकिन, यह तभी फायदेमंद होता है जब दूसरे बैंक की ब्याज दर और आपके पहले बैंक की ब्याज दर में अच्छा अंतर हो। इसके साथ ही होम लोन ट्रांसफर करने से पहले यह गणना करें कि आने वाला कुल खर्च बचत से अधिक है या नहीं। आमतौर पर लोन की अवधि 10 साल से अधिक या नई ब्याज दर मौजूदा दर से कम से कम 1% कम हो तो होम लोन ट्रांसफर करना फायदेमंद होता है। 

लोन चुकाने की अवधि बढ़ा लें 
अगर आपको लोन चुकाने में परेशानी हो रही हो तो आप बैंक में आवेदन देकर लोन की अवधि बढ़ा सकते हैं। बैंक आपने ग्राहकों को लोन की अवधि बढ़ाने का विकल्प देता है। लोन की अवधि अधिक रखने पर ईएमआई कम होगी और बैंक को भी भरोसा रहेगा कि आप ईएमआई भुगतान से नहीं चूकेंगे। अगर आप अधिक ईएमआई चुकाने में सक्षम हैं तो भी लंबी अवधि वाला ही प्लान चुनिए। कुछ समय तक ईएमआई चुकाने के बाद प्रीपेमेंट कर दीजिए। 

सरकारी बैंकों को दें तवज्जो
अगर आप लोन ट्रांसफर करने की तैयारी कर रहे हैं और महंगे ब्याज दर से परेशान है तो सरकारी बैंकों की ओर रुख करना बेहतर होगा। एनबीएफसी और प्राइवेट बैंकों के मुकाबले आपको कम ब्याज पर होम लोन मिल जाएगी। 

52 दिन में बदल जाएगा होम-पर्सनल और ऑटो लोन का नियम
रिजर्व बैंक ने एक बड़ा फैसला लेते हुए होम, ऑटो और पर्सनल लोन से जुड़ा एक नियम बदल दिया है। एक अप्रैल 2019 से नई ब्याज व्यवस्था लागू होगी।  अभी बैंक खुद ही तय करते हैं कि ब्याज दर कब बढ़ानी-घटानी है। लेकिन, अप्रैल से बैंक को आरबीआई के रेपो रेट घटाने के तुरंत बाद ब्याज दर घटाने होंगी। यहीं व्यवस्था छोटे कारोबारियों को दिए जाने वाले कर्ज पर भी लागू होगी। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि आरबीआई की नई व्यवस्था लागू होने से भी आम लोगों पर से ईएमआई का बोझ कम होगा। 

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