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असोम से कानपुर तक दोस्तों के माध्यम से होती थी आंतकी को फंडिग

हिजबुल मुजाहिद्दीन के सदस्य कमरुज्जमा उर्फ मो. हुरैस को असोम से उसके दोस्त और रिश्तेदार ही रकम पहुंचाते थे। इस फंडिंग से ही वह अपने मिशन को पूरा करने में लगा हुआ था। गिरफ्तारी से 25 दिन पहले दो बार में एक लाख 30 हजार रुपये कमरुज्जमा तक पहुंचाए गए थे। इन दोस्तों से वह ई-मेल के जरिए ही बात करता था। यह खुलासा शुक्रवार को रिमांड के पहले दिन आतंकी से पूछताछ में हुआ। एटीएस की टीम ने उससे करीब तीन घंटे तक लगातार पूछताछ की। उधर, एटीएस की एक टीम दोपहर दो बजे असोम के लिए रवाना हो गई।

कोर्ट ने गुरुवार को कानपुर से पकड़े गये आतंकी कमरुज्जमा की सात दिन ही रिमांड मंजूर की थी। हालांकि रात में उसे लखनऊ जेल में रखा गया था। शुक्रवार सुबह उसे एटीएस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में लेकर अनौरा स्थित नए कार्यालय में पहुंची। यहां पर वीडियो रिकार्डिंग करते हुए उससे पूछताछ शुरू हुई।

रुपये पहुंचाने वाले तीन लोगों के नाम पता चले
एटीएस के एएसपी दिनेश यादव ने सबसे पहले उससे फंडिग के बारे में ही पूछताछ शुरू की। उसने बताया कि असोम के हिजोई में रहने वाले उसके दो दोस्त और कुछ रिश्तेदार ही उस तक रकम नगद पहुंचाते थे। 25 दिन पहले उसे पहले एक लाख रुपये मिले, फिर दो दिन बाद ही 30 हजार रुपये और भेजे गए थे। उसने इन दोस्तों व एक रिश्तेदार का नाम भी लिया। इनके बारे में पूरी जानकारी मिलते ही आनन-फानन एटीएस टीम असोम भेज दी गई। इसके अलावा असोम से भी एक टीम लखनऊ पहुंच रही है।

कोड वर्ड में रखे थे दोस्तों के नाम
तकनीक का बेहद जानकार कमरुज्जमा हर कदम पर होशियारी बरतता था। यही वजह थी कि उसने अपने दोस्तों के नाम कोड वर्ड में रखे थे। एक डायरी में ये नाम लिखे मिले। पहले तो इनके बारे में पूछने पर उसने एटीएस को खूब उलझाया पर बाद में उसने सब कुछ उगल दिया। इसके बाद ही असोम पुलिस से संपर्क किया गया और यहां से टीम भी भेज दी गई।

10 जून से परिवार के सम्पर्क में नहीं था
कमरुज्जमा ने बताया कि वह 10 जून से अपने घर वालों के संपर्क में नहीं था। एके 47 रायफल के साथ वाली फोटो वायरल होते ही उसने परिवार से बात करना बंद कर दिया था। वह बस दोस्तों व एक-दो रिश्तेदारों के ही सम्पर्क में रहता था। हालांकि आईजी असीम अरुण का कहना है कि अभी यह सिर्फ उसका पक्ष है। अगर रिश्तेदारों के सम्पर्क में था तो किसी न किसी बहाने वह परिवार से भी बात करता होगा। इस बारे में वहां गई टीम पड़ताल भी करेगी।

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