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अगर आप भी सेलफोन जेब में रखते हैं तो हो जाएं अब सावधान…

मोबाइल और स्मार्टफोन की दुनिया की चकाचौंध से आज हर कोई हलकान है। फिल्म देखना हो , इंटरनेट पर कोई भी जानकारी लेनी हो या फिर अपने दोस्तों के साथ कनेक्ट रहना हो, स्मार्टफोन आज हर घर की जरूरत बन गया है।

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आलम यह है कि मोबाइल गुम होने की परिस्थितियों में लोग डिप्रेशन का शिकार होने लगे है और अपने फोन के बिना जीने की कल्पना से ही लोग सिहर उठते हैं। मोबाइल को लेकर इस बढ़ती सनक ने कई और खतरनाक चीजों को भी जन्म दिया है। जी हां, ताजा सर्वे में पता चला है कि मोबाइल को लेकर जुनूनी हद तक क्रेजी लोग अपने स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं।

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मोबाइल फोन या स्मार्टफोन के बारे में अक्सर ही आपने  सुना होगा कि फोन के रेडिएशन आपके स्वास्थ्य के लिए कितने हानिकारक हैं। अब डॉ. देवरा डेविस की नई रिसर्च में भी कई चौंकाने वाली चीजें सामने आई हैं। कई लोगों की तरह ही डॉ. डेविस को भी लगता था कि मोबाइल फोन रेडिएशन उतने खतरनाक नहीं है जितना मीडिया में उसे बढ़ा चढ़ाकर दिखाया जाता है।

लेकिन इस पूरे रिसर्च के दौरान डॉ. डेविस को अहसास हुआ कि न केवल मोबाइल की रेडिएशंस हानिकारक है बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए ये बेहद ही खतरनाक है और इस बात को साबित करने के लिए उनके पास अब खुद की रिसर्च भी शामिल हैं।
अपनी बात को और पुख्ता करने के लिए डॉ डेविस ने उस दिलचस्प केस का भी सहारा लिया और इस केस की मदद से लोगों को जागरूक करने की भी कोशिश की। इसके मुताबिक पर्यावरण हेल्थ ट्रस्ट न्यूजलैटर के मई अंक में एक महिला जो एक स्वस्थ लाइफस्टाइल जीने में यकीन करती थी, एकाएक ही ब्रैस्ट कैंसर का शिकार हो गई थी। बाद में सामने आया कि इस महिला को अपना फोन अपने अंदरूनी कपड़ों में रखने की आदत थी।
हालांकि महिला के डॉक्टर ये साबित नहीं कर पाए कि मोबाइल की रेडिएशन की वजह से ही उन्हें कैंसर हुआ है, लेकिन इसने एक चेतावनी के रूप में तो काम किया ही है। इस रिसर्च के अनुसार अपनी शर्ट की जेब और पैंट की जेब में भी फोन रखने से कैंसर हो सकता है। ये बात लोगों को गांठ बांध लेनी चाहिए कि अपने फोन को अपनी बॉडी से छह इंच के दायरे से दूर रखा जाए। खास बात यह है कि मोबाइल फोन रेडिएशन से हमारे शरीर के कुछ हिस्सों में कैंसर होने की संभावना बाकी हिस्सों के मुकाबले ज्यादा होती है।